बारिश के बाद जिले में मलेरिया के केसों में बढ़ोतरी होने लगी है। फिलहाल मलेरिया के पांच पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। झज्जर, बहालगढ़, मातनहेल, छुछकवास व छारा गांव में मलेरिया के केस मिले हैं। हालांकि पिछले साल के अब तक के आंकड़ों को उठाकर देखा जाए तो फिलहाल 24 मलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के ओर से स्थिति फिलहाल कंट्रोल में बताई जा रही है। पिछले वर्ष जून में अच्छी वर्षा होने के कारण मलेरिया के मरीज अधिक पाए गए थे। लेकिन इस बार जून में बारिश कम होने की वजह से मलेरिया के केस फिलहाल तक पांच मिल पाए हैं। जबकि अस्पतालों में आने वाले सभी बुखार के मरीजों की स्लाइड बनाई जा रही हैं। वहीं जिले में 854 आशा वर्कर्स भी बुखार के मरीजों की स्लाइड बना रही हैं। इसके लिए आशा वर्कर्स को विशेष रूप से प्रशिक्षण भी दिया गया है ।
विभाग ने खरीदी दो फॉगिंग मशीन
डेंगू पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इस बार दो फॉगिंग मशीनें खरीदी गई हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में फॉगिंग का कार्य नगर पालिका और नगर परिषदों को सौंपा गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को फॉगिंग की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग की तरफ से फॉगिंग के लिए केमिकल उपलब्ध कराया जाता है। जबकि बाकी खर्च ग्राम पंचायतों में नगर पालिकाओं की तरफ से किया जाता है। फिलहाल जिले में डेंगू का कोई संभावित पॉजिटिव मरीज नहीं आया है। डेंगू की जांच के लिए जिले में दो प्रयोगशाला बनाई गई है। इनमें एक सामान्य अस्पताल झज्जर तथा दूसरी सामान्य अस्पताल बहादुरगढ़ में स्थापित की गई है ।
तालाबों में छोड़ी गंबुजिया मछली
जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गंबुजिया मछली छोड़ने के लिए 462 तालाबों को चिह्नित किया गया था। इन तालाबों में मच्छर का लारवा खाने वाली गंबुजिया मछली स्वास्थ्य विभाग की तरफ से छोड़ी जा चुकी हैं ताकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर न फैले।
जिले में फिलहाल पांच मलेरिया के केस मिले हैं। पांच स्थानों पर मलेरिया के जिन घरों में मरीज मिले हैं, उनके आसपास के 50 घरों में डेल्टामेथरिन दवाई का छिड़काव करवा दिया गया है।
कुलदीप सिंह, डीएमओ, झज्जर।