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कोहरे की गिरफ्त में हरियाणा: झज्जर में 500 पहुंचा AQI, पांचवीं तक के स्कूल बंद, हिसार में पांच वाहन भिड़े

Mon, 18 Nov 2024 03:04 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

झज्जर में ग्रेप का चौथा चरण लागू हो गया है। अब दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। ग्रेप के तीनों चरण पहले ही लागू हो चुके हैं, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है और एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
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हिसार में भिड़े वाहन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा में कोहरे और स्मॉग का असर सुबह से देखने को मिल रहा हैं। रविवार रात से छाया स्मॉग और कोहरा सुबह तक जारी रहा। झज्जर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 पहुंच गया है। जिसके चलते डीसी ने कक्षा पांचवी तक के सभी स्कूलों में 23 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। जिला उपायुक्त प्रदीप दहिया ने ने सोमवार को यह आदेश जारी किए। स्कूल ऑनलाइन क्लास ले सकेंगे।
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वहीं हिसार में सोमवार सुबह स्मॉग के कारण बरवाला रोड पर कई हादसे हुए। हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर गांव गैबीपुर के पास स्मॉग के कारण 5 वाहन आपस में टकरा गए। 

जानकारी के अनुसार हरियाणा रोडवेज की बस के अगले हिस्से में एक कार टकरा गई। जिसके चार उसके पीछे चल रहे तीन अन्य वाहन एक दूसरे से टकरा गए। वाहन टकराने के बाद हाईवे पर जाम लग गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। वाहनों की गति कम होने के कारण बचाव रहा।
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दूसरी ओर हिसार भूना रूट पर रोडवेज की बस में कुछ युवक खिड़की में लटके हुए थे। छात्रों की संख्या अधिक होने के चलते दो छात्र बस से गिर गए। दोनों को हल्की चोट लगी हैं।

स्मॉग के कारण लोगों ने आंखों में जलन महसूस की। सुबह से समय झज्जर का एक्यूआई 200 दर्ज किया गया। वहीं ठण्ड का असर भी शुरू हो गया हैं। लोगों ने स्वेटर डालने शुरू कर दिए हैं। झज्जर का अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया।



जिले में ग्रेप का चौथा चरण लागू हो गया है। अब दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। ग्रेप के तीनों चरण पहले ही लागू हो चुके हैं, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है और एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। सोमवार से सीएक्यूए ने दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब जिले में लगने वाले बॉर्डर पर ट्रक खड़े होंगे। 

वहीं प्रदूषण बढ़ने के बाद अभी जिले के स्कूलों के बंद करने को लेकर प्रशासन ने कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। उम्मीद हैं कि आज प्रशासन आदेश जारी कर सकता हैं। कुछ स्कूलों ने अपने स्तर पर प्राइमरी की छुट्टी कर दी हैं तो बाकी स्कूल प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रेप-4 के तहत लगाए गए प्रतिबंध

  • दिल्ली में ट्रक यातायात के प्रवेश पर रोक (आवश्यक सेवाओं के लिए ट्रकों का जारी रहेगा प्रवेश)
  • एलएनजी, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-4 डीजल ट्रकों के प्रवेश पर रोक नहीं रहेगी।
  • इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी, बीएस-4 डीजल वाहनों के अलावा दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हल्के वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। (अनुमति सिर्फ जरूरी सेवा देने वालों के लिए होगी)
  • दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-4 और उससे कम के डीजल वाहनों वाले मालवाहकों और भारी वाहनों के चलने पर सख्त प्रतिबंध लागू रहेंगे।
  • हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन, दूरसंचार आदि के लिए जारी परियोजनाओं के कामों (निर्माण कार्य) पर प्रतिबंध ग्रेप-3 के तहत लागू रहेंगे। 
  • दिल्ली और एनसीआर की राज्य सरकारें सरकारी, नगरपालिका और प्राइवेट कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता पर काम करने और बाकी को घर से काम करने की अनुमति दें।

नारनौल की आबोहवा हुई खराब, 383 के पास पहुंचा एक्यूआई

नारनौल क्षेत्र में प्रदूषण स्तर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जहां रविवार शाम 7 बजे तक 150 के पास एक्यूआई दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार सुबह 10 बजे 383 के पास एक्यूआई पहुंच गया है। बढ़ता प्रदूषण खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों को परेशान कर रहा है।



सोमवार सुबह से हल्की हवा भी चल रही है, जिससे लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हो गए। सुबह से क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा, ऐसे में वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दृश्यता कम होने की वजह से वह भी सुबह रेंग कर चलते दिखाई दिए। अचानक मौसम बदलने से छोटे बच्चों को भी स्कूल में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

सोनीपत में दमघोंटू हवा, एक्यूआई 404 तक पहुंचा 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल सोनीपत में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रात से ही कोहरा व स्मॉग छाया हुआ है। स्मॉग छाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। कोहरा और उसमें शामिल धूल, धुएं के कणों के कारण गैस चैंबर के हालात बने हैं और सांस लेने में परेशानी होने लगी है। साथ ही गले में खराश महसूस होने लगी है। स्मॉग के कारण हवा दमघोंटू बनी रही। मौसम में सर्दी बढऩे
के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढऩे लगा है।



स्मॉग छाने से गैस चैंबर जैसे हालात बन गए हैं। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार बढ़ रहा है। यह खतरनाक स्तर पर जा चुका है। सोमवार सुबह एक्यूआई 404 दर्ज किया गया। सर्दी बढऩे के साथ ही प्रदूषण के स्तर में और इजाफा होने का आशंका है। वहीं पीएम-10 का स्तर 500 व पीएम 2.5 का स्तर 436 तक पहुंच गया है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसमें लोगों को परेशानी होने लगती है। 

सिरसा में सुबह सात बजे दृश्यता रही शून्य

सिरसा में सुबह सात बजे तक धुंध के कारण दृश्यता शून्य रही। वहीं, आठ बजे के बाद धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि सर्द हवाओं के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई है। धूप निकलने के बाद मंडी में तेजी से किसान धान की आवक लेकर पहुंचने शुरू हो गए है। धुंध व रात को पड़ने वाली ओस के कारण किसानों को धान की फसल निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंबाइन जैसी मशीनों से भी धान की फसल नहीं निकाल पा रहे है। ऐसे में लेंबर से कटाई किसानों को करवानी पड़ रही है।
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रेवाड़ी में एक्यूआई पहुंचा 435

रेवाड़ी में सोमवार को प्रदूषण का स्तर 435 तक पहुंच गया, जो काफी खतरनाक स्थिति श्रेणी में माना जाता है। यह प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। जिले में ग्रैप 4 की पाबंदियां भी लागू हो चुकी हैं। बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों ने घरों से निकलना भी बंद कर दिया है। सुबह से ही प्रदूषण का स्तर 400 को पार कर चुका है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस सप्ताह मौसम में परिवर्तन जारी रहेगा। अब दिन व रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते जिले का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से भी कम जाने की संभावना है। इससे सर्दी बढ़ेगी। पश्चिम हवाएं चलने से सर्दी का असर बढ़ा है। इसी के चलते पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जिससे मैदानी इलाकों में भी सर्दी होने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
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