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हरियाणा में प्राकृतिक नहीं प्रशासनिक आपदा आई है : दीपेंद्र हुड्डा

Thu, 11 Sep 2025 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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-फोटो 63 : छोटूराम नगर में पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सामने अपना दुखड़ा रोती महिलाएं। स्रोत
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बहादुरगढ़। रोहतक लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हुड्डा ने शहर के छोटूराम नगर, विवेकानंद नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में घर, गलियों और खेतों के हुए नुकसान की जायजा लिया। छोटूराम पार्क में ट्रैक्टर पर बैठकर पानी के बीच प्रभावित लोगों के बीच गए। वहीं विवेकानंद नगर में पानी के बीच पैदल चलते हुए प्रभावित लोगों से बात भी की।
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उन्होंने हरियाणा के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से राहत पैकेज की घोषणा नहीं होने पर भी जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार से किसानों को 60 से 70 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। वहीं जिनके घर का नुकसान हुआ है उसका और प्रभावित क्षेत्र में जिन दुकानदारों का कामकाज खत्म हुआ है उन्हें भी मुआवजा देने की मांग की है।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक आपदा आई है। पहली बार मुख्यमंत्री ने मानसून से पहले फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक तक नहीं बुलाई। न ही ड्रेनों, नालों और नदियों की सफाई कराई और न ही तटबंधों को मजबूत कराया गया।
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नायब सैनी मुख्यमंत्री के तौर पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। हुड्डा ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल के बहाने सरकार ने लोगों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। जब पराली के लिए सरकार सैटेलाइट फोटो का सहारा लेती है तो अब नुकसान की सैटेलाइट फोटो क्यों नहीं निकालती।

हुड्डा के सामने छोटूराम नगर की महिलाओं ने अपना दर्द भी बयान किया। महिलाओं ने बताया कि करीब 500 से ज्यादा मकान मुंगेशपुर ड्रेन के पानी की चपेट में हैं। घरों में 2 से 5 फीट तक पानी है। कोई राहत अंदर तक नहीं पहुंचाई गई। पीने का पानी तक लोगों को नहीं मिल रहा है। लोग और अधिकारी आते हैं और वीडियो फोटो करवाकर चले जाते हैं।
इतना सुनते ही दीपेंद्र हुड्डा ने डीसी को तुरंत फोन लगा दिया। हुड्डा ने डीसी को तुरंत प्रभाव से पानी के पांच टैंकरों की व्यवस्था कर छोटूराम नगर और विवेकानंद नगर के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने डीसी को 19 सितंबर की जिला विकास निगरानी समिति की बैठक में जिले में हुए नुकसान और जलनिकासी और राहत के लिए किए गए कामों का पूरा ब्योरा रखने की मांग भी की है। अगर जिला प्रशासन सही रिपोर्ट नहीं देता तो उनके कार्यकर्ता नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार करेंगे और सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर लोगों की मदद कराने का काम करेंगे।
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा है। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेंद्र जून भी मौजूद रहे। दीपेंद्र ने छोटूराम नगर के पार्षद प्रतिनिधि हरिमोहन धाकरे के अनुरोध पर एमपी कोटे से 10 लाख की मदद लोगों की करने की बात कही। शहर के बाद वे कुलासी, जसौरखेड़ी और खेड़ी जसौर में पहुंचे।
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