बहादुरगढ़। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के बल पर बहादुरगढ़ का औद्योगिक स्वरूप बढ़ता जा रहा है। एक साल में यहां 500 नई इकाईयां खुली हैं। एमएसएमई की इकाइयों की संख्या चार हजार के पार है। यहां 2 लाख से अधिक श्रमिक काम करते हैं।
शहर में कुल छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 7 हजार से अधिक हो गई है। इनमें तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। सबसे ज्यादा फुटवियर उत्पादों की इकाइयां खुली हैं। एमएसएमई की इकाइयों की संख्या चार हजार के पार हैं। आने वाले समय में इनकी संख्या कहीं ज्यादा होगी।
बहादुरगढ़ फुटवियर उद्योग का बड़ा हब है। अन्य उद्योग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें प्लास्टिक उत्पाद, स्टील की औद्योगिक इकाइयां भी शामिल हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग, प्लास्टिक पैकेजिंग, फुटवियर, प्लास्टिक फुटवियर, पेपर, मशीनरी, बिस्कुट, मेडिकल उत्पादों का बड़े पैमाने पर काम होता है।
विश्व के अलग-अलग हिस्सों में बहादुरगढ़ में बने फुटवियर का निर्यात होता है। बहादुरगढ़ से इस साल दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात हो चुका है। जानकारों का कहना है कि सरकार की ओर से उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार इन इकाइयों की स्थापना के साथ ही निर्यात के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
इसलिए मनाया जाता है एमएसएमई डे
संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपनी महासभा-2017 में प्रस्ताव पास करके हर साल 27 जून को एमएसएमई डे मनाने की घोषणा की थी। छोटी इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए यह व्यवस्था की गई थी। इसके बाद से हर साल यह दिन मनाया जाता है।
एमएसएमई उद्योगों की रीढ़ बन चुका है। बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के पार्ट-ए व बी में सबसे ज्यादा एमएसएमई इकाइयां स्थापित हैं। सबसे ज्यादा रोजगार सृजन इस क्षेत्र में ही हो रहा है। सरकार सबसे ज्यादा इसे प्रोत्साहित कर रही है। निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। फुटवियर कंपनियां बहादुरगढ़ में 80 से 90 प्रतिशत हैं जबकि 10 से 20 प्रतिशत में अन्य फैक्टरियां हैं। बहादुरगढ़ में इस वर्ष 500 के लगभग एमएसएमई औद्योगिक इकाइयां बनी हैं। इनमें फुटवियर कार्य से संबंधित कहीं अधिक हैं।
- नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उप प्रधान, बहादुरगढ़ चैंबर आफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज
बहादुरगढ़ में एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बहादुरगढ़ पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, लेकिन इस क्षेत्र की सरकार की ओर से अनदेखी की जा रही है। सरकार को विशेष ध्यान देकर उद्योगपतियों को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। एमएसएमई औद्योगिक इकाइयां लगातार बहादुरगढ़ में बन रही हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार मुहैया हो रहा है।
- सुभाष जग्गा, प्रधान, फुटवियर पार्क एसोसिएशन