झज्जर। जिले के छह गांवों में लगभग 4.20 करोड़ की लागत से ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम बनाए जाएंगे। इसके तहत दूषित पानी को दोबारा प्रयोग में लाया जा सकेगा।
पंचायत विभाग की तरफ से ग्रे-वाटर मैनेजमेंट बनाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। ग्रे-वाटर मैनेजमेंट से योजना के तहत दूषित और खराब पानी को दोबारा प्रयोग करने के लिए बनाया जाएगा। जिले के सीधीपुर, नूना माजरा, दुलहेड़ा, बाबरा, लोहाट, लुकसर गांवों में इस योजना को शुरू करने के लिए पंचायत विभाग ने वर्क ऑर्डर जारी किए हैं, लेकिन ग्रैप-4 लगने के कारण अभी यह काम शुरू नहीं हो पाएंगे। ग्रैप-4 हटने के बाद ग्रे-वाॅटर मैनेजमेंट बनाने के कार्य को शुरू किया जाएगा।
पंचायत विभाग की तरफ से इस कार्य को पूरा करने के लिए अगले साल जून तक का समय निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत गांवों के दूषित और खराब पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके बाद इस पानी को अन्य कामों में प्रयोग करने के लायक बनाया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से कृषि के लिए इस पानी का प्रयोग किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर को अच्छा बनाए रखना है। गांवों में पानी के गिरते स्तर को देखते हुए यह परियोजना चलाई गई है।
इन गांवों में शुरू की योजना
पंचायत विभाग ने जिले के छह गांवों में ग्रे-वाटर मैनेजमेंट योजना को शुरू किया जाएगा। इसमें सीधीपुर में लगभग 87.50 लाख, नूना माजरा में 87.34 लाख, दुलहेड़ा में 75.61 लाख, बाबरा में 47.20, लोहाट में 5.77 लाख, लुकसर में 98.50 लाख रुपये की लागत से ग्रे-वाटर मैनेजमेंट सिस्टम बनाए जाएंगे।
किया जाएगा तकनीक का प्रयोग
ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से खराब पानी को साफ कर दोबारा प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए गांवों के खराब पानी काे डायवर्ट कर ड्रेन या फिर किसी तालाब तक ले जाया जाएगा। इसके लिए विशेष तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
विभाग की तरफ से छह गांवों में लगभग 4.20 करोड़ रुपये की लागत से ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट योजना शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में पानी के गिरते हुए भू-स्तर की स्थिति को अच्छा बनाए रखना है। प्रदूषण बढ़ने के कारण सरकार की तरफ से ग्रैप-4 लगाया गया है। इसके हटने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -ललित कुमार, एक्सईएन पंचायती राज विभाग, झज्जर