बहादुरगढ़। सर्दी और शादियों की वजह से मिठाई और तला भोजन खाने से 15 फीसदी लोगों का मधुमेह व रक्तचाप गड़बड़ हो गया है। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टर तला-भुना और मीठा खाने से बचने की सलाह दे रहे हैं। जिनका मधुमेह नियंत्रित है, उन्हें 20 ग्राम गुड खाने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही बाजरे की रोटी, बथुआ, मेथी का साग और दोपहर के समय सलाद खाने के लिए कह रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि सर्दी में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। पकौड़े-पराठा खाने, शादी समारोह में मिठाई भी खा लेने से 15 फीसदी लोगों का मधुमेह और रक्तचाप 20 से 30 फीसदी बढ़ा है। कई ऐसे भी मरीज हैं जो चाय-कॉफी अधिक लेते हैं। उनके शरीर में चीनी की मात्रा सामान्य से दो से तीन गुना अधिक पहुंच रही है। तकलीफ बढ़ने पर आए मरीजों को तले भोजन से पूरी तरह परहेज करने और चीनी के बजाय गुड़ लेने की सलाह दी जा रही है। जिनका मधुमेह नियंत्रित है, वह 15 से 20 ग्राम तक गुड़ खा सकते हैं।
बाजरे की रोटी, बथुआ और मेथी का साग व सलाद खाएं
डॉ. सुंदरम ने बताया कि सर्दी में चिकनाई युक्त भोजन की मात्रा अधिक होने से सामान्य लोगों का वजन भी बढ़ रहा है। ऐसे में लोग बाजरा की रोटी, सीमित मात्रा में गुड़ फायदेमंद है। बथुआ-मेथी, सरसों का साग भी बाजार में बेहतर गुणवत्ता का है, इसका भी भोजन में इस्तेमाल करने से शरीर में जरूरी पोषक तत्व पहुंचेंगे। शादी में जा रहे हैं तो उसमें मिठाई और तले भोजन के बजाय सूप, सलाद, चूल्हे की रोटी, बिना तड़के की दाल खा सकते हैं।
ये करें
-चाय और कॉफी कम पीएं, सूप पी सकते हैं।
-पराठा, पकौड़े समेत अन्य तली सामग्री से बचें।
-व्यायाम-योग करना बंद न करें, इनका समय बढ़ा दें।