सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार वायु की गुणवत्ता खराब हो रही है। इसके चलते रविवार से ग्रैप के चौथे चरण की पाबंदी लागू कर दी गई है। सोनीपत में इसके लागू होते ही हर तरह के निर्माण पर पाबंदी लगा दी गई है। हाईवे के साथ ही पावर हाउस व रेलवे के निर्माण कार्य भी पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण करने पर चार उद्योगपतियों के चालान काटे हैं। तीन पर 50 हजार तो चौथे पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। सोनीपत में सुबह-शाम स्मॉग छा रहा है। सोमवार को एक्यूआई 417 दर्ज किया गया
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सोनीपत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंचने पर ग्रैप-4 को लागू कर दिया है। दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सुबह-शाम स्मॉग छाने से लोगों की मुसीबत बढ़ रही है। सोनीपत में एक्यूआई 417 दर्ज किया गया, जो एक समय 421 तक पहुंच गया था। जिले में एक अक्तूबर से ग्रैप लागू किया गया है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से ग्रैप को चार चरणों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इसका चौथ चरण शुरू हो गया है।
लोगों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
सुबह-शाम स्मॉग की चादर छा रही है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हवा में दुर्गंध फैलने लगी। स्मॉग से आंखों में जलन और सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है। चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। धुएं में पाए जाने वाले केमिकल आंखों एवं त्वचा पर जलन उत्पन्न करते हैं। इससे खांसी, सांस फूलना, बलगम आदि उत्पन्न करते हैं। स्मॉग के कारण हुई परेशानियों के लिए केवल एंटी एलर्जिक, सांस की दवाइयां लेना तर्क संगत नहीं है बल्कि हमें इससे बचाव के उपायों का प्रयोग करना चाहिए।
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ग्रैप स्टेज-4 में क्या होंगी नई पाबंदियां
-दिल्ली में भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने से सोनीपत में भी काम प्रभावित होगा। (आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं वाले ट्रकों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर नहीं)। इससे मॉल ढुलाई व कच्चा मॉल मंगवाने में उद्योगपतियों को दिक्कत होगी।
-निर्माण और तोड़फोड़ पर पाबंदी, इसमें हाईवे, रोड, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पॉवर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन के काम शामिल हैं।
-एनसीआर में प्रशासन चाहे तो कक्षा छठी से नौवीं तथा 11वीं की भौतिक कक्षाओं पर रोक लगाई जा सकती है, ऑनलाइन कक्षाएं ली जा सकती हैं।
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भारी वाहनों पर रोक से बढ़ेगी समस्या
राई औद्योगिक क्षेत्र मेन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन का कहना है कि दिल्ली में भारी वाहनों के चलने पर रोक का असर सोनीपत में दिखाई देगा। अब उद्योगपति दिल्ली में तैयार मॉल कैसे भेजेंगे। साथ ही कच्चा मॉल मंगवाने में दिक्कत होगी। छोटे वाहन से मॉल ढुलाई में दिक्कत आती है। पेपर मिल का मॉल छोटे वाहन में नहीं आ सकता। अब 13 नवंबर से दिल्ली में ऑड-ईवन भी लगा दिया जाएगा। जिससे परेशानी और बढ़ेगी। कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि डीजल जनरेटर पहले से बंद है। उसके बाद भी दिल्ली में एक्यूआई काफी ज्यादा है। जिससे साफ है कि प्रदूषण वाहनों के कारण फैलता है। सरकार उद्योगपतियों को बिना कारण परेशान कर रही है।
वर्जन
जिले में ग्रैप-4 की पाबंदी लगा दी गई है। हर तरह के निर्माण पर रोक लगाई गई है। चार फैक्टरी में निर्माण करने पर जुर्माना लगाया गया है। खुले में कूड़ा जलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा
प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनीपत