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राजकीय स्कूलों में ऑनलाइन काम हुए प्रभावित

Sun, 03 Jul 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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कंप्यूटर - फोटो : demo pic
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राजकीय स्कूलों में कार्यरत स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम) का अनुबंध विभाग द्वारा नहीं बढ़ाया गया है। ऐसे में राजकीय स्कूलों में ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति यह बन पड़ी है कि स्कूल प्राचार्य और अध्यापकों को कंप्यूटर संबंधित कार्य करवाने के लिए साइबर कैफों पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम) भी चिंता में हैं। अगर विभाग द्वारा उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो उनके सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। स्कूल इंफरमेशन मैनेजर पिछले तीन सालों से राजकीय स्कूलों में कार्यरत हैं।
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ये काम करेगा कौन
स्कूल के ईमेल चेक करना, स्कूल में कार्यरत स्टाफ सदस्यों के बीएम 26, 29 फार्म यानि इंकम टैक्स संबंधित कार्य करना, स्कूल के सभी ट्रेजरी के सभी बिल तैयार करना, एक्सेल में स्कूल के सभी विद्यार्थियों का डाटा तैयार करना, एमआईएस पोर्टल पर सभी विद्यार्थियों को डाटा अपडेट करना, बॉयोमैट्रिक ऑनलाइन एक्टिवेशन मशीन की देखरेख करना, स्कूल के फेसबुक पेज अपडेट करना व प्रत्येक कार्यक्रम की जानकारी देना, हरियाणा बोर्ड के सभी ऑनलाइन कार्य करना, मासिक बीईओ मीटिंग के लिए डाटा तैयार करना, लैब्स मेंटिनेंस करना व लाइब्रेरी का रिकार्ड रखना, मासिक विद्यार्थी रिपोर्ट तैयार करना, एससी, बीसी व बीपीएल विद्यार्थियों को ऑनलाइन आधार कार्ड से जोड़ना, स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन एंट्री करना सहित अन्य कार्य हैं जो स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम) द्वारा किए जाते हैं, इनकी अनुपस्थिति में कौन करेगा।

क्या कहते हैं स्कूल प्राचार्य
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भदानी के प्राचार्य राजबीर दहिया का कहना है कि स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम) की स्कूलों में हाजरी न लगवाने के आदेश मिले हैं। आदेशानुसार उनकी हाजरी तो नहीं लगवाई जा रही है, लेकिन स्कूल का कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूल में न तो कंप्यूटर टीचर है न लैब अटेंडेंट ऐसे में कंप्यूटर संबंधित कार्य कौन करे इसके लिए पेरशानी हो रही है। साइबर कैफो पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, प्राचार्य हरिओम, कमलेश सहित अन्य प्राचार्यों ने भी कार्य बाधित होने और साइबर कैफो पर कार्य करवाने की बात कही है।
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क्या कहते हैं स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम)
अलग-अलग राजकीय स्कूलों में कार्यरत स्कूल इंफरमेशन मैनेजर(सिम) रविंद्र कौशिक, ज्योति, यशपाल, प्रदीप आदि का कहना है कि तीन वर्षों से स्कूल में कार्यरत थे। प्रतिवर्ष अनुबंध बढ़ा दिया जाता था, अबकि बार अनुबंध नहीं बढ़ाया है। जिसके चलते परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अनुबंध नहीं बढ़ाती है तो भूखा मरने की नौबत आ जाएगी।
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