प्रदेश के सभी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने के लिए उन्हें ऑनलाइन करने का बीड़ा उठाया गया है, जिस पर अगले वर्ष तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
यही नहीं तमाम ट्रॉमा सेंटरों, अस्पतालों, लैबों में जरूरत का सामान व उपकरणों की लिस्ट मंगवाई गई है ताकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा से वंचित न होना पड़े। यह कहना है सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का।
गांव छारा की निर्माणाधीन सीएचसी का जायजा लेने पहुंचे मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी अस्पतालों के ऑनलाइन जुड़ने से वे अपने कार्यालय से ही डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ के कामकाज, दवाइयों व अन्य सुविधाओं पर नजर रख सकेंगे।
प्रदेश के 14 जिलों से चिकित्सा सुविधाओं की डिमांड लिस्ट उन्हें मिल चुकी है। जैसे ही सभी जिलों से रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके बाद संसाधनों व अन्य चिकित्सा सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
पांच जिलों में बनाई जाएंगी कैथ लैब
प्रदेश सरकार की ओर से हर जिले में एमआरआई, सिटी स्कैन, डायलिसिस सहित अन्य बड़ी महंगी मशीनों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सूबे के पांच जिलों में कैथ लैब भी लगाई जाएगी। ट्रॉमा सेंटरों व अस्पताल को रेफरल सेंटर के बजाय इलाज सेंटर बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
बॉक्सर विजेंद्र के निर्णय से नाराज
स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज ओलंपिक पदक विजेता व हरियाणा पुलिस में डीएसपी बॉक्सर विजेंद्र के प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जाने के निर्णय से नाराज हैं।
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसके बाद खेल कोटे से सरकारी नौकरी ज्वाइन करने वाला खिलाड़ी कम से कम 6 साल तक प्रदेश के लिए जरूर खेले।