बादली इलाके में गोहत्या की वारदातों से ग्रामीणों में पनपा आक्रोश अभी से शांत भी नहीं हुआ था कि मंगलवार की अल सुबह बहादुरगढ़ के झज्जर रोड पर गो तस्करों और थाना शहर पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई।
इसमें दोनों तरफ से फायरिंग हुई। जिसमें पुलिस टीम ने तस्करों को घेरकर पुलिस ने चार को काबू किया। जबकि उनके कुछ साथी स्कॉर्पियो व एक अन्य वाहन से चकमा देने में कामयाब हो गए।
पकड़े गए गो तस्करों से पुलिस ने पिस्तौल व अन्य हथियारों के अलावा गोहत्या करने में प्रयोग करने वाले हथियार भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से गहन पूछताछ के लिए सभी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
इससे पहले बादली के निर्माणा व देवरखाना के पास कुछ दिन पहले गोवंश के अवशेष मिलने से गोभक्तों में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ गया था।
कुछ ही दिन के अंतराल से दो वारदात होने से इलाके के लोग गुस्से में थे। लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन शुरू किया।
कई गांवों में जाम लगा दिया था साथ में नेशनल हाईवे नंबर दस पर बैठकर यातायात को भी बाधित कर दिया था। जिससे गोवध की वारदातों को सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था।
बनाई थी विशेष टीम
इसके चलते पुलिस महानिरीक्षक अनिल राव के दिशा-निर्देशों व पुलिस अधीक्षक झज्जर बलबीर सिंह की देखरेख में पुलिस की अनेक टीमें गो तस्करों को पकड़ने के लिए गठित की गई थी।
थाना शहर प्रभारी जयकिशन दहिया की टीम जब सोमवार की रात गश्त पर थी तो उन्हें गो तस्करों के झज्जर रोड पर आने की सूचना मिली।
जब टीम उक्त स्थान पर पहुंची तो वहां काले रंग की एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली। उसमें चालक सवार था। पास में ही तीन गाय भी खड़ी थी।
जबकि पांच-छह लोग इन गायों को इकट्ठा करने में लगे हुए थे। इन लोगों ने जैसे ही पुलिस को देखा तो फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली थाना प्रभारी के कान के पास से निकली।
जबकि दूसरी गोली पुलिस की गाड़ी के टायर से ऊपर लगी। फायरिंग पर जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी दो गोलियां चलाई। इससे तस्कर भागने लगे। इसी दौरान इनमें से चार को काबू किया गया गया। जबकि अन्य लोग फरार होने में कामयाब रहे।
बहादुरगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह व डीएसपी शमशेर सिंह ने खुलासा किया कि आरोपियों में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का जाहिद, हापुड़ का माजिद उर्फ चवन्नी, नदीम व दिलशाद शामिल हैं।
इनके कब्जे से एक पिस्तौल, एक कारतूस, दराती व गायोें को बांधने के लिए मोहरी (खास तरह की रस्सी) बरामद हुई।
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