प्रदेश में सामने आ रहे गेहूं के घोटालों के बाद प्रदेश सरकार ने गेहूं के गोदामों की छानबीन शुरू कर दी है। वीरवार को प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) धनपत सिंह ने बेरी, मातनहेल और बहादुरगढ़ अनाज मंडी स्थित भंडारण केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने भंडारण केंद्र में गेहूं के रखरखाव की स्थिति को देखा और गेहूं की कुल मात्रा, उसकी नमी और माप तोल के साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पर संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की। साथ ही रिकॉर्ड का मिलान भी किया।
एसीएस धनपत सिंह ने इससे पहले लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में गेहूं के रखरखाव की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि भंडारण केंद्रों में गेहूं की मात्रा, नमी व भंडारण सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों की मोनिटरिंग स्वयं करने के निर्देश खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को दिए। बाद में वे भंडारण केंद्रों में छानबीन के लिए पहुंचे। उन्होंने मौके पर ही गेहूं की नमी की मात्रा, भंडारण केंद्र में रखे गए गेहूं की मात्रा के साथ वजन करके भंडारण केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भंडारण केंद्रों में रखे गए गेहूं की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर सतर्कता बरती गई है और किसी भी स्तर पर कोई अंतर न रहे, इसके लिए भंडारण केंद्रों के स्टाक, गुणवत्ता व रिकॉर्ड की अपडेट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भंडारण केंद्रों के आसपास सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
दाल की कालाबाजारी पर प्रशासन रखे नजर
अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से दालों का भंडारण कर कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
किसी भी रूप से दालों की बिक्री में कालाबाजारी न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से पूर्णतया सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसी अनीता यादव ने बताया कि झज्जर जिले में सरकार के निर्धारित नियमों के अनुरूप दालों की बिक्री के लिए रेट निर्धारित करते हुए जन साधारण की सुविधा के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दालों का भंडारण कालाबाजारी के रूप में न हो पाए, इसके लिए प्रशासन की ओर से पैनी नजर रखते हुए मॉनिटरिंग भी की जा रही है।