बहादुरगढ़। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला छारा-2 में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। स्कूल में प्रतियोगिता करवाई गई और बच्चों को खाद्य सामग्री दी। प्रतियोगिता में विजेताओं को पारितोषिक वितरित किए गए। कार्यक्रम में स्कूल के स्टाफ सदस्य राजेश कुमारी और एसएमसी मेंबर प्रीति, अभिभावकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
शिक्षिका विजयलक्ष्मी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस भारत में पहली बार 11 अक्तूबर 2007 को मनाया गया था और तब से लेकर आज तक हम समाज में लिंगानुपात समान करने के लिए यह दिन मनाते आ रहे हैं। विजयलक्ष्मी ने बताया कि एक समाज का विशेष तबका पुरातन और पितृसत्तात्मक समाज में जी रहा है और बेटियों को अपशगुन के रूप में लेता है। उनको भी हमें जागरूक करना होगा। सभी बच्चों व अभिभावकों को समझाते हुए कन्या भ्रूण हत्या बंद करने पर जोर दिया। उन्होंने समाज में लिंगानुपात जागरूकता के लिए स्वरचित कविता भी बच्चों को लिखवाई। उनकी स्वरचित कविता बेटियां हमारे देश का और समाज का गौरव बढ़ा रही हैं.. के जरिए भ्रूण हत्या न करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां ही इस रुढ़िवादी सोच को अपने कर्मों द्वारा धराशाई कर रही हैं। जब व्यक्ति अपनी सोच में बेटे और बेटी में फर्क करना बंद कर देंगे तब समाज में भेदभाव खासकर लिंग के आधार पर हो रहे भेदभाव को समाप्त कर समाज को प्रगति की सही दिशा दी जा सकती हैं। हमें उनकी सोच को भी बदलना होगा। तभी हमारा बालिका दिवस मनाना सफल होगा।