बहादुरगढ़। शहर के प्रमुख बाजारों में गिनी जाने वाली रेलवे रोड मार्केट, जहां पर प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार भी होता है लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। यहां की गंदगी सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा जाम लगना, स्ट्रीट लाइटों का न होना आदि अनेकों समस्याएं हैं जिससे दुकानदारों और आने वाले ग्राहकों को परेशानी में डालती है।
31 दिसंबर को सफाई का ठेका पूरा होने के बाद यहां पर कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। इसके कारण यहां पर गंदगी फैली है और लावारिस पशु उसमें मुंह मारकर उसे दूर तक फैला देते हैं। यहां के दुकानदारों की एक अन्य समस्या ट्रैफिक की भी रहती है। वाहन चालक अपने वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा करके चले जाते हैं जिससे जाम की समस्या भी गंभीर बन जाती है। काफी देर तक वाहन जाम में फंसे रहते हैं। इसके अलावा रात के समय दुकानदारों को अंधेरे का सामना करना पड़ता है क्योंकि यहां पर स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं। गंदगी होने से दुकानदारों के व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
गंदगी के ढेर से उठती है दुर्गंध
रेलवे रोड़ के दुकानदार महाबीर सिंह का कहना है कि जब से शहर में सफाई के ठेके की अवधि पूरी हुई है उसके बाद से यहां पर कूडे़ का उठान नहीं किया जा रहा है। इसमें से उठती दुर्गंध दुकानदारों व अन्य लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इस कूड़े के ढेर में पूरा दिन लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन इस तरफ कोई देखने वाला नहीं है।
जाम की समस्या भी है गंभीर
दुकानदार सुरेंद्र कुमार कहते हैं कि रेलवे रोड पर जाम की समस्या भी गंभीर रूप धारण करती जा रही है। वैसे तो रोहतक रोड़ से रेलवे स्टेशन की दूरी मात्र दो मिनट की है लेकिन जाम के कारण स्टेशन तक पहुंचने में कई बार एक घंटे से भी अधिक समय लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी शाम के समय होती है जब ट्रेनों के आने का समय होता है।
आवारा पशुओं के कारण होती है दुर्घटना
दुकानदार सुभाष चंद का कहना है कि गंदे नाले के नजदीक डाले गए इस कूड़े में लावारिस पशुओं का जमावड़ा लग जाता है और यहां से वाहन चालकों व लोगों का निकलना दूभर हो जाता है क्योंकि यह कूड़ा आवारा पशु सड़क के बीचोबीच तक फैला देते हैं और रोड पर अपना कब्जा जमा लेते हैं। उनका कहना है कि शाम के समय यहां से निकलने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती हैं। कई बार तो आवारा पशुओं के कारण दुर्घटना होते-होते भी बची है।
स्ट्रीट लाइट न होने से रहता है अंधेरा
दुकानदार अजय कुमार का कहना है कि अब सर्दी के मौसम में दुकानों में चोरी होने का भय रहता है लेकिन नगर परिषद की ओर से रेलवे रोड पर न के बराबर लाइटें लगाई गई हैं। जबकि कई बार नगर परिषद के अधिकारियों व नेताओं से रेलवे रोड पर लाइटें लगवाने की मांग की गई है।
गंदगी के कारण व्यापार में भी नुकसान
दुकानदार अशोक कहते हैं कि गंदे नाले के नजदीक फैली इस गंदगी के कारण उनके व्यापार भी काफी असर पड़ रहा है। उनकी दुकान में जब भी कोई ग्राहक आता है तो नाक पर कपड़ा रखकर आता है और उस गंदगी के कारण बिना कोई खरीददारी किए वापस चला जाता है। इसके कारण उनका धंधा भी चौपट हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं से मांग है कि इस कूड़े का उठान शीघ्र कराया जाए।
दुकान पर आने से पहले होता है गंदगी का सामना
दुकानदार सुनील जैन ने कहा कि सुबह जब दुकानदार अपनी दुकान पर आते हैं तो सबसे पहले इस गंदगी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
कई वर्षों बाद भी नहीं हटाया गया लोहे का खंभा
जूतों की दुकान चलाने वाले प्रवेश गुप्ता का कहना है कि रेलवे रोड पर प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं को प्रमुखता के तौर पर ध्यान देना चाहिए। कई वर्षों पहले बिजली विभाग की तरफ से लोहे के खंभों का हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन आज तक रेलवे रोड से बिजली के खंभे नहीं हटाए गए हैं। उनकी दुकान के सामने लोहे का खंभा आज भी लगा है।
क्या कहत है चेयरपर्सन
इस संबंध में नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला राठी का कहना है कि रेलवे रोड के दुकानदारों और इस बाजार में आने वाले ग्राहकों को होने वाली हर तरह की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सफाई का भी पूरा इंतजाम होगा और स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जाएंगी।