स्वतंत्रता सेनानी को सलामी देते पुलिस के जवान।
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बेरी। वर्ष 1957 से 1966 के बीच चले हिंदी आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाले बेरी के गांव बाघपुर निवासी 86 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी जगदेव का सोमवार सुबह निधन हो गया। सूचना के बाद जिला प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के साथ स्वतंत्रता सेनानी अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस की तरफ से उन्हें हथियार उल्टे कर व मातमी धुन बजाकर व हवा में फायर कर उन्हें सलामी दी। प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार रमेश कुमार ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। वहीं उमड़े जनसैलाब ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
बता दें कि बेरी के गांव बाघपुर निवासी जगदेव 86 साल के थे। परिजनों व ग्रामीणों के मुताबिक जगदेव ने हिंदी आंदोलन में साल 1957 से 1966 के बीच तत्कालीन पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री प्रो. शेर सिंह व आचार्य भगवान देव गुरुकुल झज्जर और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल के साथ हिंदी आंदोलन में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाई थी। जिस आंदोलन में हरियाणा पंजाब से अलग हुआ। उस आंदोलन में जगदेव सिंह करनाल जेल में बंद थे। बाद में उन्हें सरकार की तरफ से स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया गया था।
स्वतंत्रता सेनानी को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते अधिकारी।- फोटो : Jhjhar
स्वतंत्रता सेनानी जगदेव का फाईल फोटो।- फोटो : Jhjhar