झज्जर। पंजाब नेशनल बैंक माछरौली में हुए फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुल रही हैं। बैंक के एक कर्मचारी के खिलाफ शाखा प्रबंधक ने ही पुलिस में मामला दर्ज कराया हुआ है। हालांकि अभी तक बैंक की गठित कमेटी जांच कर रही है। प्रबंधक ने बैंक कर्मचारी पर उपभोक्ताओं के खाते से लाखों रुपये की राशि अपने खाते में हस्तांतरित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कर्मचारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस के बार-बार कहने पर भी बैंक से खातों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। बैंक की कमेटी की तरफ से मामले की जांच करने की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अगस्त 2020 से राशि हस्तांतरित कर फर्जीवाड़ा कर रहा था।
पुलिस को दी गई शिकायत में दिए गए खाता नंबरों के हिसाब से जब पुलिस ने मामले की जांच की तो आंध्रा बैंक के खाते में कर्मचारी ने दो करोड़ रुपये जमा कर वापस निकाले हैं। बताया जा रहा है कि करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। हालांकि यह बैंक अधिकारियों ने मौखिक रूप से पुलिस को बताया है। पुलिस को शाखा प्रबंधक की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया है कि दो उपभोक्ताओं के खाते से आटीजीएस के माध्यम से राशि हस्तांतरित की गई है। झज्जर के आदर्श नगर निवासी हिमांशु अग्रवाल पर सात दिसंबर 2020 को एक उपभोक्ता के खाते से चार लाख व 21 दिसंबर 2020 को एक खाते से करीब पौने तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने उक्त कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी कर्मचारी बैंक में लिपिक बताया जा रहा है। कर्मचारी ने नकली एफडीआरएस जारी करके राशि का हस्तांतरण किया है। फिलहाल पुलिस बैंक से रिकॉर्ड मिलने का इंतजार कर रही है।
अभी मामले की जांच चल रही है। पूरा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। बैंक की कमेटी जांच कर रही है। बैंक में कर्मचारी की तरफ से उपभोक्ताओं के खाते राशि हस्तांतरित करने का मामला है।
- मनीष कुमार, एलडीएम, पंजाब नेशनल बैंक।
पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बैंक की तरफ से भी मामले की जांच की जा रही है। बैंक की तरफ से रिकॉर्ड नहीं दिया गया है। रिकॉर्ड मिलने के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी राशि की गड़बड़ी की गई है। आंध्रा बैंक से 2 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।
- रामजस, पुलिस थाना प्रभारी, माछरौली।