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किसानों ने फिर डीघल टोल कराया फ्री, टोल पर डाला डेरा

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डीघल टोल पर नारेबाजी करते किसान। संवाद - फोटो : Jhjhar
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बेरी। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को पिछले करीब दो माह से किसानों के चल आंदोलन को लेकर शनिवार को एक बार फिर से किसानों ने झज्जर-रोहतक नेशनल हाईवे पर स्थित डीघल को फ्री करवाया और टोल पर धरना शुरू कर दिया है। धरना देने के लिए अहलावत खाप, कादयान खाप, सतगामा करौंथा और आसपास गांवों के किसानों ने टोल पर दोबारा से डेरा डाल दिया है। प्रदेश सरकार के आदेशों के अनुसार 28 जनवरी को दोपहर एक बजे बाद डीघल टोल को चालू करवा दिया गया था। अब दो दिन अंतराल पर दोबारा से किसानों ने टोल प्लाजा पर धरना शुरू कर दिया और टोल को पर्ची मुक्त करवा दिया गया है। टोल पर धरना दे रहे किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान संघर्ष समिति के प्रधान तेजबीर बाघपुर का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर जो लाल किले पर हुआ है, उसकी कादयान खाप घोर निंदा करता है और सरकार की मंशा किसानों के आंदोलन को तोड़ने की है, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहेंगे। जब तक तीनों कृषि कानूनों को रद्द नही किया जाता, तब तक किसानों को धरना जारी रहेगा। टीकरी और ढांसा बॉर्डर पर कादयान खाप की तरफ से धरने पर खाद्य सामग्री भिजवाई जा रही है। युवा किसान नान्हे अहलावत का कहना है कि दोबारा से डीघल टोल पर किसानों ने धरना शुरू कर दिया है। शनिवार को टोल को पर्ची मुक्त करवाया गया। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है, किसान आंदोलन से नही हटेंगे, किसानों का आंदोलन लगातार जारी रहेगा। सरकार किसानों के आंदोलन को तोड़ना चाहती है।
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शनिवार को किसानों ने दोबारा से टोल को पर्ची मुक्त करवा दिया गया है, टोल पर हर रोज करीब 12 से 15 लाख रुपये का नुकसान होगा। 28 जनवरी को टोल दोपहर बाद शुरू हुआ था, अब फिर किसानों ने टोल को फ्री करवा दिया है। किसान आंदोलन खत्म होने के बाद ही टोल सुचारू रूप से चालू हो पाएंगा। किसानों का शांतिपूर्ण धरना चल रहा है।
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- नितेश मलिक, मैनेजर टोल प्लाजा, डीघल।
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