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Jhajjar-Bahadurgarh News: नवजात तस्करी गिरोह के चार और आरोपी दबोचे

Mon, 06 Apr 2026 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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फोटो 98: पुलिस गिरफ्त में आरोपी। स्रोत पुलिस
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बहादुरगढ़। नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने संदीप पवार (भगत सिंह कॉलोनी, बल्लभगढ़), रुद्र प्रताप सिंह (सेक्टर-27, रायपुर), विजय (पंचशील ग्रीन-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट) और मोहन पांचाल उर्फ मोनू उर्फ मोना (अशोक नगर, शाहदरा, वर्तमान में गाजियाबाद) चार और आरोपियों की गिरफ्तार किया है।
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डीसीपी मयंक मिश्रा के निर्देशों में चल रही कार्रवाई तस्करों की कमर तोड़ रही है। इसी कड़ी में अपराध शाखा और थाना शहर बहादुरगढ़ की संयुक्त टीमों ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिससे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के तार और भी स्पष्ट होने लगे हैं।
इससे पहले इस गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि अब कुल सात आरोपी पकड़े गए हैं। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी संगठित तरीके से नवजात बच्चों की तस्करी के नेटवर्क को मजबूत कर रहे थे। इनकी भूमिका सिर्फ बिचौलियों तक सीमित नहीं थी।
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निसंतान दंपती को बनाते हैं निशाना
आरोपी संभावित ग्राहकों से संपर्क साधने, सौदे तय कराने और पूरे नेटवर्क को सक्रिय रखने में अहम कड़ी बने हुए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर निसंतान दंपतियों को निशाना बनाता था और उन्हें अवैध तरीके से बच्चे उपलब्ध कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी बनी मददगार
तकनीकी निगरानी और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच पाई। लगातार ट्रैकिंग और दबिश के चलते चारों को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस इनसे गहन पूछताछ कर रही है जिससे इस गिरोह के फरार सरगना और अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
यूपी, पंजाब, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र में चल रही छापेमारी
पुलिस पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इनके आधार पर उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि यह नेटवर्क उत्तर भारत ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

नवजात तस्करी जैसे अमानवीय अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। बहादुरगढ़ पुलिस इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है। लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। मामले में अब तक कुल सात आरोपी पकड़े गए हैं।
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- मयंक मिश्रा, डीसीपी
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