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खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने की छापेमारी, पकड़े 40 गैस सिलेंडर

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जब्त किए गए सिलिंडर गैस एजेंसी के गोदाम पर जमा करवाने पहुंची विभाग की टीम। - फोटो : Jhjhar
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शहर में रसोई गैस की कालाबाजारी के गोरखधंधे पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने शनिवार को शहर में कई स्थानों पर छापे मारे। टीम ने 40 रसोई गैस सिलिंडर बरामद किए हैं। पिछले काफी समय से शहर के कई हिस्सों में रसोई गैस के सिलिंडरों से छोटे सिलिंडर भरने का गोरखधंधा चल रहा था।
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दुकानदार रसोई गैस के सिलिंडरों से अवैध रूप से छोटे सिलिंडर भर कर महंगे भाव में बचे रहे हैं। जिससे बड़ी दुर्घटना होने का खतरा भी बना हुआ हैै। शहर के विभिन्न हिस्सों में और भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। खासकर लघु सचिवालय के निकट जहां पर जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी अकसर गुजरते रहते हैं। लेकिन प्रशासन या संबंधित विभाग के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहे थे। जब खाद्य आपूर्ति विभाग के मुख्यालय से इस बारे में जब छापामारी करने के आदेश आए तो खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम लघु सचिवालय से निकल कर छापे मारी करने के लिए बाजार में पहुंची और एक के बाद एक 12 दुकानों पर छापे मारे गए। इस अभियान के बारे में जब दुकानदारों को पता चला तो काफी दुकानदारों ने तो सिलिंडर उठा कर छुपा दिये और कुछ ने अपनी दुकानों के शटर डाउन कर दिये और वे इधर उधर खिसक गए। छापे मारने आई टीम के चले जाने के बाद दुकानें वापस खोल ली गई। सहायक खाद्य आपर्ति अधिकारी अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इस टीम में निरीक्षक अमरजीत सिंह, गोरखनाथ, सुनील कुमार, रवि कुमार, साहिल आदि शामिल थेे।
कई स्थानों पर अवैध रूप से भरे जाते हैं छोटे सिलिंडर
शहर में एक नहीं अनेक स्थानों पर रसोई गैस के सिलेंडरों में से छोटे सिलेंडर भरने का अवैध कारोबार चल रहा है। शहर के सिलानी गेट क्षेत्र, छावनी मोहल्ला, आंबेडकर चौक, बादली रोड सहित विभिन्न स्थानों पर छोटे सिलेंडर रखे देखे जा सकते हैं। छोटे सिलिंडरों में तीन से पांच किलोग्राम गैस भरी जाती है और उसके तीन ढाई से चार सौ रुपये तक वसूल किये जाते हैं। वहीं जिन लोगों के पास रसोई गैस सिलिंडर नहीं हैं, उन लोगों को ब्लैक में भी रसोई गैस सिलिंडर बेचे जा रहे हैं।
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बिना मार्का के के छोटे सिलेंडरों की बाजार में भरमार
शहर के बाजारों में दुकानों पर छोटे रसोई गैस सिलिंडर सजे देखे जा सकते हैं। बिना मार्का और बिना अनुमति के इन सिलिंडरों का अवैध कारोबार चल रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे हैं। इन पर काम करने वाली हजारों की संख्या में लेबर दूसरे राज्यों से आती है। वे अधिकांश लोग छोटे गैस सिलिंडरों का ही प्रयोग करते हैं और उनमें गैस खत्म होने पर वे दुकानदारों से ही अपने छोटे सिलिंडर भरवाते हैं। आज छापामारी अभियान के दौरान दुकानदारों के पास रखे विभिन्न कंपनियों के सिलिंडर उठाकर गैस एजेंसियों में तो जमा करवा दिये लेकिन गोरखधंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं अवैध रूप से दुकानों पर जो सिलिंडर सजाए गए हैं, उन सिलिंडरों के लिए चेतावनी दी गई है कि इन सिलिंडरों को दुकानों से हटा लें अन्यथा उन्हें भी जब्त कर लिया जाएगा।
जिले की गैस एजेंसियों पर पांच किलोग्राम वाले छोटे रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाए गए हैं। जिन्हे एजेंसियों से ही भरवाया जा सकता है। लेकिन उसके बावजूद भी छोटे सिलिंडरों का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए मुख्यालय के आदेश पर छापे मारे गए। 40 रसोई गैस सिलिंडर गोदामों पर जमा करवा दिये गए हैं। जिनकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। - अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
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