01jjrp15-अपने घर में लगे पौधों की देखभाल करती हसनपुर गांव निवासी रीटा । स्रोत-परिजन
झज्जर। घर-आंगन को फूलों से सजाने के शौक से हसनपुर गांव निवासी रीटा का घर दिनभर सुगंधित रहता है। उन्हें बचपन से ही अपने घर-आंगन को फूलों से सजाने का शौक था और इसे शादी के बाद भी जारी रखा। उन्होंने आंगन में फूलों समेत औषधीय पौधे लगाए हैं।
रीटा की शादी पांच साल पहले हसनपुर गांव शादी हुई। पति संदीप भी पौधों को लेकर गंभीर हैं। वह भी हर मौसम में एक नया पौधा देते हैं। आंगन के अलावा घर में फूल और सजावटी पौधे लगा रखे हैं। प्रतिदिन समय मिलने पर कुछ समय पौधों की देखरेख के लिए निकालती हैं।
इसमें खाद देना, पानी देना शामिल हैं। घर में जहां भी खाली जगह मिलती है, वहां पर पौधे लगा देती हैं।
आंगन में लगाए ये पौधे
रीटा ने आंगन में तुलसी, पत्थरचट, गुलाब, गेंदे, गुवारपट्ठा, पुदीना, बेलपत्र व अन्य कई प्रकार के पौधे लगाए हुए हैं। गुलाब, गेंदे के फूलों से जहां घर आंगन पूरा दिन खुशबू से महका रहता है। वहीं औषधि पौधे भी काम आते हैं। चाय में तुलसी का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा पत्थरचट व पुदीने का प्रयोग भी किया जाता है।
स्कूल समय से ही था शौक
रीटा को फूल व अन्य प्रकार के पौधे लगाने का शौक स्कूल समय से ही था। अपने मायके में भी घर में कई प्रकार के पौधे लगाए थे। शादी होने के बाद ससुराल में भी कई प्रकार के पौधे लगाए हुए हैं जिनकी देखरेख वह स्वयं करती हैं।