रेलवे रोड पर रेहड़ी पर रखे झंडों को खरीदते लोग।
बहादुरगढ़। शहर के बाजारों में जयश्रीराम लिखे झंडे और पताकों की भारी डिमांड रही। ऑर्डर के बावजूद निर्माता और विक्रेता पूर्ति नहीं कर पाए। 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस अवसर से पहले मंदिर, बाजार, गली, सड़क, मोहल्ले, कॉलोनी और सोसायटी को भगवा झंडी और पटकों से पाटा जा रहा है।
मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए, सामाजिक और धार्मिक संगठन कई पब्लिक प्रोग्राम कर रहे हैं। कार्यक्रमों में झंडे-झंडियों से सजावट होगी और सभी पटके पहनेंगे। झंडे-पटके तैयार कर रहे राजेश चानना ने बताया कि बाजार में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आमतौर पर पौष का महीना कपड़ा कारोबार के लिए ठंडा रहता है। मगर, राम मंदिर उद्घाटन की वजह से इस साल पौष में काफी काम आया है। दिन-रात झंडे पटके बनाए जा रहे हैं। अभी तक जय श्री श्याम, राधे-राधे, जय श्री राधे, जय माता दी के झंडे और पटकों की अधिक डिमांड थी। मगर, जब से 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन की घोषणा हुई है, तब से जय श्री राम लिखे झंडे और पटकों की मांग में कहीं अधिक बढ़ी है।
अब दूसरे नारों के झंडे-पटकों के ऑर्डर 22 जनवरी के बाद पोस्टपोन कर रहे हैं। रोजाना पटकों के 10 हजार और झंडों के 3 हजार पीस तैयार कर रहे हैं। काम इतना एडवांस आ रहा है कि इसकी पूर्ति नहीं हो रही है। रेलवे रोड के दुकानदार विकास ने बताया कि 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। न केवल युवा बल्कि बच्चे भी झंडे खरीद रहे हैं। झंडों की कीमत भी काफी इजाफा हुआ है। खास बात यह रही कि रविवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर शहर में दुकानों पर झंडे ही कम पड़ गए।
दुकानदार विकास ने बताया कि दोपहर से पहले ही उनके एक हजार से ज्यादा झंडे बिक गए। अब ऑर्डर देने के बाद भी माल नहीं मिल रहा है। रेटों में भी काफी इजाफा हुआ है। जो झंडा 40 रुपये का मिल रहा था, अब 60 रुपये का भी नहीं मिला।
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