नए कानून के तहत जिले में केस दर्ज होने शुरू हो गए हैं। जिले में नए कानूनों के तहत पहला केस बहादुरगढ़ के लाइनपार थाना में दर्ज किया गया। यह केस गैंबलिंग का दर्ज किया गया है। इसके अलावा दूसरा केस साल्हावास थाने में स्कूल में चोरी का केस दर्ज किया गया है। बहादुरगढ़ लाइन पार थाना में एक जून को रात को नए कानून के तहत पहला केस दर्ज किया गया है। पहले गैंबलिंग एक्ट 1867, 3 ऑफ 1867 की धारा 13 के तहत केस दर्ज होता था, लेकिन नए कानून लागू होने के बाद अब गैंबलिंग एक्ट 1836, 3 ऑफ 1867 की धारा 13ए, 3 व 67 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसी प्रकार से साल्हावास थाने में नए कानून के तहत दूसरा केस दर्ज किया हुआ है। यह चोरी का केस दर्ज किया गया है। पहले चोरी के केस में 379 व 380 धारा लगती थी, लेकिन नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पहला केस
सट्टा खाई वाली करता एक आरोपी काबू
पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए सरेआम सार्वजनिक स्थान पर सट्टा खाईवाली करते हुए एक आरोपी को काबू किया गया। थाना लाइनपार बहादुरगढ़ निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को नंबर लगाकर सट्टा खाईवाली करने के मामले में परनाला रोड विवेकानंद नगर बहादुरगढ़ के नजदीक से काबू किया गया। पकड़े गए आरोपी की मौका पर तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 9250 रुपए नगदी और सट्टा पर्चियां बरामद हुईं। पकड़े गए आरोपी की पहचान विजय निवासी परनाला बहादुरगढ़ के तौर पर हुई।
केस -दो
आर्य नगर झज्जर निवासी डॉ. सम्मत सिंह ने पुलिस में शिकायत दी है कि वह गांव भुरावास में राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भुरावास में प्राचार्य के पद पर नौकरी करता है। 28 मई को उनके स्कूल के 30 जून तक अवकाश हो गए थे। स्कूल में इस दौरान कोई चौकीदार नहीं था। छुट्टियों के दौरान ही स्कूल की एस्टोनोमी एवं भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला से एक लेपटॉप व कुछ अन्य सामान चोरी हो गया। एक जुलाई को स्कूल खुले तो इसका पता लगा। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
किसी भी थाने में दर्ज हो सकेगा केस
भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023, 170 धाराएं हैं, जो पहले 167 होती थी। 23 धाराओं में बदलाव किया गया है और पांच धाराओं को निरस्त किया गया है। अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी एफआईआर दर्ज कर सकता है। वह चाहे उसके अधिकार क्षेत्र में हो या नहीं। इसके बाद थाना उसके पंजीकरण के बाद 15 दिनों के अंदर इसकी शिकायत को संबंधित स्टेशन में भेजना अनिवार्य होगा। यौन उत्पीड़न के ब्यान दर्ज करवाते समय वीडियोग्राफी अनिवार्य है। जब भी हम किसी की भी तलाशी लेते हैं तो उसकी भी वीडियोग्राफी करनी अनिवार्य है। हर मौका घटना स्थल पर एफएसएल की टीम को बुलाना बहुत जरूरी है।