ओमैक्स हाउसिंग सोसाइटी में अवैध तरीके से कुत्तों को स्थानांतरित करने व एक पिल्ले को अपाहिज करने के मामले में स्थानीय पुलिस ने संज्ञान लिया है। जीव प्रेमियों की शिकायत पर सेक्टर-6 थाने में मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजर व एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नगर परिषद ने कुत्तों के बधियाकरण का टेंडर रद्द कर दिया है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले ओमैक्स से कुत्तों को जबरन उठाए जाने की सूचना मिली तो जीव प्रेमी हरकत में आए। उन्होंने कुत्ते रिलोकेट करने की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एतराज जताया। इसके बाद एकत्र होकर थाने में शिकायत दी।
शिकायतकर्ता सचिन का कहना है कि ओमैक्स के जी-3 और एस-4 में 11 मार्च की दोपहर को 12 कुत्तों व पिल्लों को पिंजरे में डालकर करीब 35 किलोमीटर दूर छोड़ दिया गया। इस कार्यशैली का विरोध किया तो भी नहीं माने।
मामले में सामने आया कि शान्वी एस्टेट मैनेजमेंट सर्विस के मैनेजर विक्रम यादव के कहने पर मंकी कैचर एनिमल रेस्क्यू के संचालक नरेश कुमार ने इस काम को अंजाम दिया। इस क्रूरता के चलते दो माह का एक पिल्ला भी अपाहिज हो गया।
रिलोकेट किए गए 9 कुत्तों व पिल्लों को अंशु, मंजू, कविता, पारुल, शालू, पीयूष, मिन्नी आदि ने 35 किलोमीटर दूर ईंट भट्ठे के पास जाकर तीन दिन के बाद सकुशल बरामद कर लिया गया। अन्य तीन की तलाश कराई जाए।
जीव प्रेमी मनजीत सहरावत, एडवोकेट नवीन, पीटा इंडिया कुएल्टी रेस्पांस को-ऑर्डिनेटर एडवोकेट इशानी आदि ने कहा कि किसी भी जीव को उसके मूल स्थान से जबरन कहीं दूर छोड़ना केवल अमानवीय नहीं बल्कि कानून जुर्म भी है। टेंडर के बाद नियमों के आधार पर केवल बधियाकरण किया जा सकता है।
कुत्तों को हटाकर कहीं अज्ञात स्थान पर नहीं छोड़ा जा सकता। सेक्टर-6 थाना प्रभारी जयभगवान का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज लिया गया है। आरोपों की सत्यता जांच का विषय है। जांच में जो कुछ सामने आता है, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।