नगर परिषद ने प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। 10 लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के 150 बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर टैक्स जमा नहीं किया तो भवनों को सील किया जाएगा।
नगर परिषद ने हाल ही में करीब पांच हजार बकायेदारों को नोटिस दिए थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परिषद ने 11 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी का लक्ष्य रखा था लेकिन अब तक केवल करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है।
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शहर में कुल 85 हजार के करीब प्रॉपर्टी आईडी हैं जबकि अकेले इस वर्ष का टैक्स बकाया लगभग 11 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि 10 लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वालों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी जिसकी सूची तैयार कर ली गई है।
पहली सूची में करीब 150 नाम शामिल हैं जिनमें बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक संस्थान और कई सरकारी कार्यालय भी हैं। नगर परिषद हर साल प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए नोटिस जारी करती रही है लेकिन इतने बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्रवाई पहली बार की जाएगी।
सीलिंग की कार्रवाई शुरू होते ही परिषद के खजाने में प्रॉपर्टी टैक्स से अच्छी-खासी राशि जमा हो सकती है। हालांकि बड़े बकायेदारों में शामिल सरकारी विभागों से वसूली करना नगर परिषद के लिए अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।