झज्जर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के शिकारपुर की टीचर्स काॅलोनी स्थित मोहल्ला कोट कला में भ्रूण लिंग जांच मामले में स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने आशा वर्कर, आंगनबाड़ी सहायिका, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन ऑपरेटर सहित एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हरियाणा से बड़ी संख्या में महिलाओं को बुलाकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए भ्रूण लिंग जांच का खेल चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आरोपियों ने डिकॉय को उसके गर्भ में लड़के का भ्रूण होने की बात कही और उससे काजू कतली मिठाई लाने की मांग भी कर डाली। इस पर डिकॉय ने कुछ देर में लाने की बात कही। जैसे ही डिकॉय ने बाहर जाकर इशारा किया तो स्वास्थ्य विभाग झज्जर और बुलंदशहर की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर मौके पर छापा डाल दिया था। टीम के आने से पहले ही एक आरोपी मशीन लेकर फरार हो गया था, जबकि दूसरे ने छत पर जाकर नीचे छलांग लगा दी थी, जिसमें उसका पैर टूट गया था। यह सारा काम आशा वर्कर संगीता के घर पर चल रहा था, जबकि आंगनबाड़ी सहायक गीता डिकॉय को अपने साथ लेकर आशा वर्कर के घर पर जांच के लिए लेकर गई थी। मामले में पकड़ा गया मशीन ऑपरेटर सुबोध भी आशा वर्कर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी यह काम अलग-अलग जगह करते हैं और मशीन कहीं से लाई जाती है। उसका प्रयोग कोई अन्य करता है।
नेपाल के जरिए भारत आ रही जर्मन मेड मशीन
स्वास्थ्य विभाग झज्जर के पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने बताया कि गिरोह के सदस्य पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का प्रयोग कर रहे हैं। कई मामलों में पूछताछ में सामने आया है कि यह मशीन जर्मन मेड है और नेपाल बॉर्डर से लाई जा रही है। मशीन सप्लाई करने वाले उसकी बाकायदा ट्रेनिंग भी देते हैं। तभी यह लोग आसानी से मशीनों का इस्तेमाल कर पा रहे हैं।
इस साल 6 रेड की, पांच में मिली कामयाबी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस साल कुल 6 रेड की है, जिसमें से पांच रेड कामयाब रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बार-बार भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि कभी लिंगानुपात में अंतिम पायदान पर रहने वाला झज्जर जिला आज प्रदेश में लिंगानुपात के मामले में टॉप चार जिलों में शामिल हो गया है। पिछले माह का लिंगानुपात 1070 रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की छापामार टीम में पीएनडीटी नोडल ऑफिसर डॉ. संदीप कुमार, उप सिविल सर्जन डॉ. बसंत कुमार दुबे, डॉ. सागरिका, सतीश एवं प्रदीप को शामिल किया गया था।
वर्जन
उत्तर प्रदेश के शिकारपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई कर भ्रूण लिंग जांच गिरोह पकड़ा है। वहां एफआईआर कार्रवाई गई है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। झज्जर जिला कभी लिंगानुपात मामले में अंतिम पायदान पर था, जो अब टॉप चार पर आ गया है। यह सभी के प्रयास का परिणाम है।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर।