05jjrp13- मृतक लक्ष्य का फाइल फोटो।
झज्जर। 13 साल के लक्ष्य की हार्ट अटैक से मौत पर हर कोई अचंभित है। लक्ष्य के पिता भूप सिंह का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह से स्वस्थ था। उसे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। वह सुबह नियमित रूप से सामान्य खाना खाकर स्कूल में गया था।
भूप सिंह ने बताया कि उनको साढ़े 8 बजे स्कूल से सूचना मिली थी कि लक्ष्य को चक्कर आ गए थे। उसे पहले इमलोटा के निजी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद झज्जर के निजी अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कोई शिकायत नहीं दी है। लक्ष्य के पिता की आंखें अस्पताल में भरी हुई थी। परिजन भी उसे सांत्वना देते हुए नजर आए।
भाई-बहन एक साथ पढ़ते थे
मृतक लक्ष्य बड़ा बेटा था जबकि उसकी एक बहन भी है। वह भी उसके साथ ही स्कूल में पढ़ती है। उसकी उम्र 10 साल की है।
एक्सपर्ट व्यू...
हार्ट अटैक एक सामान्य शब्द है। दिल रुकने की वजह से मौत होती है। दिल किस वजह से रुका, इसका कारण विसरा रिपोर्ट से पता चलेगा। क्योंकि उसमें पता चलेगा कि किस कारण से दिल में ब्लाकेज हुई है। हो सकता है कि बच्चे को बचपन से दिल की कोई बीमारी रही हो या कोई अन्य कारण भी हो सकता है। कई बार हमें बच्चा स्वस्थ दिखता है और कोई शिकायत नहीं करता। इसलिए माता-पिता उसकी जांच नहीं करवाते। असल में कोई दिल की बीमारी भी मिल सकती है। असली कारण विसरा रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी।
- डॉ. संजीव हसिजा, हृदय रोग विशषज्ञ एवं सेवानिवृत्त एसएमओ, सिविल अस्पताल, झज्जर