झज्जर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक सप्ताह में दूसरे भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। शुक्रवार को विभाग की टीम ने बहु गांव की पीएचसी से एक आरोपी को गर्भपात की गोलियों के खाली पत्तों व 2000 रुपये सहित काबू किया है। टीम ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। साल्हावास पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सिविल सर्जन को गुप्त सूचना मिली थी कि झज्जर के किसी गांव में एक युवक अन्य गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर भ्रूण लिंग जांच करवाता है और गर्भ में लड़की पाए जाने पर उनका गर्भपात भी करवाता है। इसकी एवज में वह मोटी रकम वसूलता है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन ने उप सिविल सर्जन व पीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ. ममता, डॉ. रवि गोदारा एएमओ पॉलीक्लिनिक झज्जर, अजय कुमार डीलिंग पीएनडीटी, प्रदीप कुमार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की टीम का गठन किया और एक गुप्त सूचक से मिली।
गुप्त सूचना देने वाले को ही बनाया माध्यम
इस जानकारी के आधार पर उक्त गुप्त सूचक को डॉ. ममता ने बहु गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सुभाष से संपर्क साधने की बात कही। गुप्त सूचक ने सुभाष से उसके फोन पर बातचीत शुरू कर दी। 16 जून को गुप्त सूचक को बताया कि वह लिंग जांच व गर्भपात भी करवा देगा। इसके बाद डॉ. ममता ने एक प्रलोभन ग्राहक तैयार कर गुप्त सूचक से मिलवाया ताकि गिरोह का भंडाफोड़ हो सके। उसने 17 जून को फोन करके आने के लिए पूछा तो सुभाष ने कहा कि वह कोरोना की सैंपलिंग की ड्यूटी के कारण व्यस्त है। फ्री हो जाने के बाद वह इस बारे में बात करेगा। 18 जून को जब सुभाष से संपर्क साधा गया तो सुभाष ने फिर सैंपलिंग में व्यस्त होने की बात कही। लेकिन उसने कहा कि वह बहू गांव में है और गर्भवती महिला को भी बुला रखा है। आप उससे मिल लो। इसके बाद उसने 2:00 बजे के आसपास आने के लिए कहा। सुभाष ने उसे 15 मिनट में अस्पताल आने के लिए कहा। जिसके आधार पर प्रलोभन ग्राहक सुभाष से मिली। उसने उसके बारे में कुछ विवरण पूछा तो सुभाष ने कहा कि अगर वे लिंग जांच करवाना चाहते हैं तो वह करवा सकता है और अगर नहीं करवाना चाहते तो गर्भपात करवा देगा। उसके बाद प्रलोभन ग्राहक ने उसे कहा कि उसे गर्भपात से डर लगता है उसे गोलियां आदि दे दें।
2000 में दी चार गोलियों की पुड़िया
जब सुभाष ने दवाइयों के बारे में कहा कि वह दवाइयां तो दिलवा देगा लेकिन ज्यादा पैसे लगेंगे। प्रलोभन ग्राहक ने कहा कि अभी तो वह 2000 रुपये लेकर आई है। कुछ बातचीत के बाद सुभाष मान गया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी पर्ची नहीं बनवाई और न ही उसकी आईडी के दस्तावेज पूछे। सुभाष ने उससे 500 के 4 नोट ले लिए और अपनी जेब से किसी गोली के पत्ते में से कुछ गालियां निकाल कर एक पुड़िया दे दी। प्रलोभन ग्राहक व सुभाष पर टीम निरंतर नजर रखे हुए थी। जैसे ही प्रलोभन ग्राहक ने इशारा किया तो टीम ने मौके पर ही बहू अस्पताल से सुभाष को दबोच लिया।
उसकी जेब से गर्भपात की गोलियों के खाली पत्ते मिले और प्रलोभन ग्राहक ने सुभाष की तरफ से दी गई गोलियों का पैकेट भी टीम को सौंप दिया। टीम ने सुभाष से पूछा तो उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी का चरखी दादरी के एक निजी अस्पताल में कुछ समय पहले गर्भपात करवाया है। उससे पूछताछ में बताया कि बहु गांव की चंद्र के माध्यम से वह काफी बार पहले भी गर्भपात करवा चुका है। चंद्र के बारे में सुभाष ने बताया कि काफी समय पूर्व बहू अस्पताल में वह है एनएचएम स्कीम के तहत कार्य करती थी।
वर्जन
टीम की तरफ से सुभाष को काबू कर मौके पर पुलिस को बुलाया गया। उसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी के कब्जे से दवाई के खाली पत्ते व रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
- डॉ. ममता, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।
आरोपी के खिलाफ पीएनडीटी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- रामकरण, पुलिस थाना प्रभारी, साल्हावास।