टीकरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान। संवाद
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहा पंजाब के किसानों का आंदोलन शनिवार को 53वें दिन में प्रवेश कर गया। भारतीय किसान यूनियन के साथ-साथ अन्य संगठनों के नेताओं ने एक सुर में कहा कि वे मांगों को पूरी करवाकर ही दम लेंगे। शनिवार को टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देने के लिए हरियाणा प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से वकील, समाजसेवी, किसान नेता पहुंचे। 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड की तैयारी 20 जनवरी से शुरू होगी। वहीं 18 जनवरी को महिला दिवस मनाया जाएगा। किसानों नेताओं ने कहा कि 19 को होने वाली सरकार के साथ बैठको में कोई हल नहीं निकलता है तो किसान 20 जनवरी से 26 जनवरी की तैयारियां शुरू कर देंगे।
भारतीय किसान यूनियन के नेता परगट सिंह ने टीकरी बॉर्डर पर कहा कि वे 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में शामिल होंगे, जिसकी तैयारी 20 जनवरी से शुरू हो जाएगी। 31 जत्थे बंदियों की बैठक होने के बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी। हरियाणा और पंजाब के किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में ट्रैक्टर लेकर दिल्ली परेड में शामिल होने की अपील की गई है। 18 जनवरी को महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सम्मान देना है। उस दिन महिला ही भूख हड़ताल पर बैठेंगी और महिला ही स्टेज संभालेंगी।
जनसंघर्ष समन्वय समिति बलिया उत्तर प्रदेश के सचिव राघवेंद्र कुमार ने टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन दिया। अमृतसर की क्लीनिक लेबोरेटरी एसोसिएशन सोसायटी ने भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों का समर्थन किया।
ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव बलदेव सिंह ने कहा कि हरियाणा और पंजाब की महिलाओं में बहुत बड़ी ऊर्जा शक्ति है। 18 जनवरी को महिला दिवस मनाना है। हरियाणा और पंजाब की महिलाएं अपनी रिश्तेदारी, महिला मित्र आदि को टीकरी बॉर्डर धरनास्थल पर लाने की अपील करें। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व हमारे आंदोलन को खराब करना चाहते हैं। 26 जनवरी का दिन हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है। कुछ शरारती तत्व अफवाह फैला रहे है कि 26 जनवरी को एक बड़ी जंग होगी। हमें शांति से अपने ट्रैक्टर परेड यात्रा निकालनी है। 19 जनवरी को सरकार के साथ मीटिंग होनी है अगर सरकार ने हमारी समस्या का समाधान नहीं किया तो 20 जनवरी को संयुक्त मोर्चा की बैठक करके हरियाणा पंजाब और अन्य राज्यों के साथ मिलकर 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर यात्रा निकालेंगे। ट्रैक्टर पर एक केसरी झंडा लगाना है जो हमारे धर्म गुरुओं का प्रतीक है। हमारी किसी भी जत्थे बंदियों को अपना कोई झंडा नहीं लगाना है।
भाकियू हिसार के नेता विकास सीसर ने कहा कि शनिवार को मनदीप नथवाल हिसार अपने साथ काफी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर लेकर टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंचे। वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र नैन ने बताया कि श्योराण खाप भिवानी आने वाली 25 जनवरी को दिल्ली में जाने के लिए अपने ट्रैक्टर में भैंस और कटड़े भरकर अपने साथ लाएंगे। शनिवार को पुनीत आचार्य बरोट आला ऐलनाबाद से उल्टा चल कर टीकरी बॉर्डर धरनास्थल पर पहुंचा। शनिवार को टीकरी बार्डर पर किसानों को समर्थन देने वालों में जयकरण बराड़ बराड़, सुखबीर दलाल, प्रदीप धनखड़ अध्यक्ष अखिल भारतीय न्यूनतम मूल्य संघर्ष समिति, विजेन्दर रोहतक, सोनिया मान गायक, जगदीश ढांडा वकील शामिल रहे।