-फोटो 69 : नायब तहसीलदार पवन कुमार को मांग पत्र सौंपते किसान। स्रोत ग्रामीण
बहादुरगढ़। किसानों ने खेतड़ी-नरेला पावर ग्रिड लाइन के टावर लगाने के कार्य को लेकर रोष जताया गया। उन्होंने हाईटेंशन लाइन के मुआवजे और सर्वे में बरती जा रही अनियमितताओं पर नाराजगी जताई है। रोहद के खाटू श्याम मंदिर में सोमवार को किसानों की पंचायत हुई।
किसानों ने 5 दिसंबर को जींद में होने वाली महापंचायत में अधिक संख्या में पहुंचने की अपील भी की ताकि इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जा सके। किसानों का कहना है कि जब तक ग्रामीण बड़ी संख्या में एकजुट नहीं होंगे उनकी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी।
पंचायत में मनदीप ने कहा कि जैसे पंजाब और महाराष्ट्र में किसान एकजुट होकर बड़े आंदोलन सफल कर चुके हैं वैसे ही यहां भी अधिक संख्या में एकता दिखानी होगी। उन्होंने बताया कि गांव खरहर, रेवाड़ी खेड़ा और रोहद का तीसरा वैल्यूअर लगाकर सही सर्वे किया जाए क्योंकि वर्तमान में राइट ऑफ वे को दो हिस्सों में बांट दिया गया है जो अन्यायपूर्ण है।
किसानों की मांग है कि पूरे गांव का 60 प्रतिशत कवरेज लेकर उचित मुआवजा तय किया जाए। पंचायत के दौरान किसानों ने मौके पर चल रहे लाइन के काम को रोकने का निर्णय लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार पवन कुमार और आसौदा थाना एसएचओ राजेश मौके पर पहुंचे।
किसानों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तीसरा वैल्यूअर लगाए जाने और तब तक कार्य बंद करवाने की मांग रखी।