बादली। बुपनियां गांव में किसानों ने अलग-अलग जगह पर 15 एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट कर दी। कृषि कानूनों के विरोध को लेकर किसानों ने गेहूं की खेतों में खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया है। वहीं किसानों ने सरकार का कोई सहयोग नहीं करने की बात कही।
वीरवार की दोपहर सात किसान अपनी फसल की जुताई करने के लिए 3 ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। किसान मनोज, बिजे, तीर्थ, टेकराम, सोमबीर, देवेंद्र और गजे सिंह ने अपनी करीब 15 एकड़ फसल को जोत दिया है। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर गेहूं की फसल उगाई थी, लेकिन अब फसलों पर एमएसपी कानून नहीं बनाने से उन्हें गेहूं की खेती घाटे का सौदा लग रही है। मंडी में अच्छा भाव नहीं मिलेगा। इसी के चलते उन्होंने कृषि संबंधी तीनों कानूनों का विरोध प्रकट करते हुए फसल को बर्बाद किया है।
किसानों ने बताया कि उन्हें लग रहा है कि मंडी में भाव नहीं मिलने से उनका कर्ज नहीं उतर सकेगा और सिंचाई और कटाई संबंधी खर्च करने से बेहतर फसल को नष्ट करना ही उचित है। हालांकि किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार और गरीब लोगों के लिए गेहूं की दो एकड़ फसल को रख लिया है लेकिन मंडी में गेहूं नहीं बेचने के लिए शेष फसल को नष्ट कर दिया है। किसानों ने कहा कि यदि सरकार तीनों कानून वापस नहीं लेती तो वे अपनी जमीन में फसल की बुआई बंद कर देंगे। ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे किसान नेताओं ने कहा कि किसान मंडी में फसल नहीं लेकर जाना चाहते तो गरीब परिवारों और गोशाला में दान करें, लेकिन फसल को किसी भी सूरत में बर्बाद न करे।
किसान नेता पहुंचे
बुपनियां के दुल्हेड़ा रोड पर केएमपी के पास किसानों ने गेहूं की फसल की जुताई शुरू की तो आसपास के किसान और ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। फसल खराब करने की जानकारी ढांसा बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन पहुंची तो आंदोलन की अध्यक्षता कर रहे विनोद बादली और दिल्ली किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र डागर खेतों में पहुंचे। दोनों किसान नेताओं ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक किसान करीब 15 एकड़ गेहूं की फसल की जुताई की जा चुकी थी। किसानों और संगठन नेताओं के बीच काफी बहस हुई।
ट्रैक्टर चाबी छिनी तो मंगवाया दूसरा ट्रैक्टर
खेतों में पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास करते हुए किसान नेताओं ने किसानों के ट्रैक्टर की चाबी छीन ली, लेकिन किसानों ने दूसरा ट्रैक्टर मंगवाकर गेहूं की फसल को जोत दिया। किसान किसी की बात समझने को तैयार नहीं हुए और गेहूं की फसल को तीन ट्रैक्टर की मदद से नष्ट कर दिया। किसान नेता ट्रैक्टर के आगे और पीछे भागते नजर आए। जबकि कई तरह की दुहाइयां भी दी गई।