टीकरी बॉर्डर पर निकाले गए नगर कीर्तन की अगुआई करते पंज प्यारे। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। किसान आंदोलनकारियों के पड़ाव में बुधवार को गुरु गोबिंद सिंह जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर हरियाणा के लोगों ने एक अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने आंदोलनकारियों के पड़ाव में करीब पांच किलोमीटर तक नगर कीर्तन निकाला। इस मौके पर आसमान जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल और किसान एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
हरियाणा पंजाब एकता मंच व भारतीय किसान यूनियन ने गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश उत्सव के मौके पर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से नगर कीर्तन का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हरियाणा की प्रमुख खाप हुड्डा, अहलावत, मलिक, दहिया, बराला और देशवाल के प्रधानों ने पंज प्यारों का स्वागत किया। रास्ते में सड़क पर रंगोलियां बनाई गई थी। इस दौरान लंगर लगाया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पंज प्यारों का सम्मान किया। नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद, अल्पाहार आदि उपलब्ध करवाया।
पंज प्यारों और गुरु ग्रंथ साहब की पालकी पर पुष्प वर्षा की गई। नगर कीर्तन में काफी संख्या में निहंग सिख भी शामिल हुए। नजफगढ़ रोड के निकट बाईपास पर हुई सभा में कथावाचकों ने शबद कीर्तन पेश किया। महिलाएं भी कार्यक्रम में हरियाणा पंजाब एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश राणा ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए चल रहे आंदोलन ने देश को एकजुट करने का काम किया है। खासतौर पर पंजाब और हरियाणा के लोगों के बीच भाईचारा बढ़ा है। यहां दोनों प्रदेशों के लोग एक दूसरे के पर्वों, त्योहारों को मिलकर मना रहे हैं। उन्होंने कहा की भाषा का जो मिलन इस आंदोलन में हुआ है वो बहुत अनूठा है। हरियाणा के लोग पंजाब के लोगों के साथ पंजाबी में बात करने लगे हैं और पंजाबी बोलने लगे हैं वही पंजाब के लोग हरियाणा के लोगों के साथ हरियाणवी में बोलते हैं। दोनों एक दूसरे के दुख-सुख को बांट रहे हैं।
बुधवार को मनाए गए गुरु पर्व कार्यक्रम में पंजाब के साथ-साथ हरियाणा के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान, देशवाल खाप के प्रधान देवेंद्र देशवाल, संदीप सरपंच, जगजीत हुड्डा आदि ने मुख्य जिम्मेवारी निभाई।
टीकरी बॉर्डर नगर कीर्तन के दौरान करतब दिखाते घुड़सवार। संवाद- फोटो : Bahadurgarh