किसान मेले में स्टॉल पर जूट के बैग देखते डीसी जितेंद्र कुमार।
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उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने कहा कि पर्यावरण प्रहरी के रूप में किसानों द्वारा फसलीय अवशेष न जलाकर अपनी जिम्मेवारी को बखूबी निभाया जा रहा है। हर फसल की पैदावार के बाद किसानों को फसलीय अवशेष को जलाने की अपेक्षा उनका सदुपयोग करते हुए प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक भागीदारी निरंतर निभानी होगी। उपायुक्त जितेंद्र कुमार वीरवार को झज्जर के जहांआरा बाग स्टेडियम में आत्मा योजना के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से लगाए गए जिलास्तरीय किसान मेला में पहुंचे किसानों को संबोधित कर रहे थे। कृषि, बागवानी, पशुपालन व मत्स्य विभाग की साझेदारी के साथ आयोजित किसान मेले का उपायुक्त ने शुभारंभ किया।
उपायुक्त ने किसान मेले के शुभारंभ के बाद किसानों की मिल रही सुविधा व सरकार की ओर से प्रदत्त सेवाओं को दर्शाती प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। साथ ही झज्जर जिले के प्रगतिशील किसानों को उनकी बेहतर कार्यशैली के लिए सम्मानित भी किया। उन्होंने बताया कि प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभागीय स्तर पर किसानों को जागरूक किया गया और इसी के फलस्वरूप जिला के किसानों ने फसलीय अवशेष को जलाने की अपेक्षा उनका सदुपयोग करते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना अतुलनीय योगदान दिया है। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. इंद्र सिंह ने मुख्यातिथि उपायुक्त जितेंद्र कुमार का स्वागत किया और विभागीय गतिविधियों से विस्तार से अवगत कराया। इस मौके पर मुख्यातिथि ने मेले में कृषि विभाग की ओर से प्रकाशित कैलेंडर का भी विमोचन किया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. मनीष डबास, जिला मत्स्य पालन अधिकारी श्रीपाल राठी, बागवानी विभाग से डॉ. पूनिया, मार्केट कमेटी बेरी के चेयरमैन मनीष शर्मा, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक बाल मुकुंद कौशिक, एसडीओ जगजीत सिंह, एसडीओ सुनील कौशिक, सुधीर कुमार व मत्स्य अधिकारी मंजूबाला सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।