झज्जर। किसान आंदोलन में हिस्सा लेने आए पंजाब के किसान की 25 मार्च को गला रेतकर हत्या करने के आरोपी ने जिला कारागार में मंगलवार सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सुबह करीब चार बजे कुलवंत नहाने के लिए बाथरूम गया था। जहां पर उसने रोशनदान से कपड़े का फंदा लिया। जेल प्रशासन को जब इसकी जानकारी मिली तो तुरंत दुलिना पुलिस चौकी में मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मामले की पूरी कार्रवाई अमल में लाई गई। मृतक पर उसकी प्रेमिका के साथ मिलकर उसके देवर की हत्या करने का आरोप था।
परिजनों से शव लेने से किया इनकार
पुलिस ने मोगा जिला, पंजाब के लोपो गांव निवासी कुलवंत के शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल झज्जर भिजवाया और मृतक के परिजनों को भी मामले की जानकारी दी। लेकिन मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में मोगा पुलिस के माध्यम से झज्जर पुलिस ने गांव के सरपंच से संपर्क साधा। लेकिन मृतक के परिजनों ने मृतक को बेदखल बताते हुए उससे कोई संबंध न होने की बात करते हुए शव लेने से मना कर दिया। हालांकि पुलिस उनके परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है।
शव को 72 घंटे के लिए शवगृह में रखा
पुलिस ने मृतक के शव को अगले 72 घंटे तक सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पुुलिस 72 घंटे तक उसके परिजनों के आने का इंतजार करेगी। उसके बाद भी मृतक के परिजन शव लेने के लिए नहीं आए तो उसके बाद उसका अंतिम संस्कार करवा दिया जाएगा।
ये था घटनाक्रम
25 मार्च की देर शाम को सेक्टर-9 बाईपास स्थित नए बस अड्डे के पीछे खेतों में एक आंदोलनकारी किसान का शव मिला था। गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। उसकी पहचान करीब 61 वर्षीय हाकम सिंह निवासी बठिंडा के रूप में हुई थी। प्रारंभिक तौर पर हत्या के कारण और आरोपियों के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अगले दिन 26 मार्च को उसकी भाभी कर्मजीत ने आकर बयान दिए थे, तब हत्या का केस दर्ज हुआ था। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई हाकम की भाभी कर्मजीत पर ही जाकर टिकी। इस संबंध में पुलिस ने एक आरोपी मोगा पंजाब के निवासी कुलवंत को बहादुरगढ़ के रेलवे स्टेशन से चार अप्रैल को काबू किया था। पूछताछ में उसने वारदात कबूली थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया था। इसके बाद मृतक हाकम सिंह की भाभी कर्मजीत को बठिंडा पंजाब के पट्टी गांव से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत ने न्यायिक हिरासत भेज दिया था। मंगलवार सुबह करीब चार बजे पुलिस जिला कारागार में कुलवंत नहाने के लिए बाथरूम गया था। जहां पर रोशनदान से कपड़े का फंदा डालकर उसने आत्महत्या कर ली।
इस वजह से की थी हाकम की हत्या
पुलिस के अनुसार कर्मजीत कौर की कुलवंत के साथ दोस्ती थी। दोनों के संबंधों के बारे में उसके देवर हाकम सिंह को पता चल गया था। यही वजह उसकी हत्या का कारण बन गई। कर्मजीत ने हाकम सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। इसके लिए उसने अपने प्रेमी कुलवंत को उकसाया, उस पर दबाव बनाया। हाकम किसान आंदोलन से लगातार जुड़ा हुआ था, लेकिन फिर वापस गांव चला गया। गत 25 मार्च को फिर से वह आंदोलन में आया। उसके साथ कुलवंत भी आया था। दोपहर को यहां आते ही कुलवंत ने हाकम सिंह को शराब पिलाई और मौका मिलते ही गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने शव को सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। मृतक के परिजन फिलहाल शव लेने से इनकार कर रहे हैं। कुलवंत को बेदखल किया हुआ बताया जा रहा है। उसके परिजनों से मोगा पुलिस के माध्यम से संपर्क साधा जा रहा है।
- राकेश कुमार, पुलिस चौकी प्रभारी, दुलीना।
मंगलवार की सुबह कुलवंत बाथरूम में नहाने के लिए गया था, जहां पर उसने फंदा लगा लिया। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई थी। हत्या का आरोपी अदालत के आदेश पर पांच अप्रैल को लाया गया था।
- सुरेंद्र दलाल, जेल अधीक्षक, झज्जर।