रविवार को टीकरी बॉर्डर सभा में मंचासीन और विचार व्यक्त करते किसान नेता। संवाद
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टीकरी बॉर्डर पर रविवार को आंदोलनकारी किसानों की संख्या सप्ताह के अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। हरियाणा के निकटवर्ती जिलों से काफी संख्या में किसान धरनास्थल पहुंचे। किसान नेताओं ने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए बहादुरगढ़ प्रशासन से आंदोलकारी किसानों के पड़ाव में बिजली पानी की सुविधाएं नियमित रूप से मुहैया करवाने की मांग की।
भाकियू जींद के जियालाल ने टीकरी बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ के नया बस स्टैंड के निकट किसानों के पड़ाव में बिजली-पानी और सफाई व्यवस्था सही नहीं रहती। हम अपनी इन समस्याओं के समाधान के लिए बहादुरगढ़ प्रशासन के साथ मीटिंग भी कर चुके हैं। प्रशासन ने हमारी समस्याओं का जल्द समाधान करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन अब तक हमारी एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। जियालाल ने कहा कि अगर प्रशासन ने मंगलवार तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो किसान कानून का उल्लंघन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
रोहतक के गांवों बहु अकबरपुर और इस्माइला से अलग-अलग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में आई महिलाओं ने सरकार के खिलाफ और किसान एकता के नारे लगाए। जींद के संदीप, राजस्था के सरदूलगढ़ से आए शादीलाल यादव, दिल्ली से भारतीय किशान सभा के महावीर राठी, सीटू बहादुरगढ़ के मुकेश मोरखी, हिसार के सोहन कालूवास, एमएसपी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़, उत्तर प्रदेश से आए देशप्रेमी, रोहतक से आए धानक खाफ प्रधान रामकुमार सोलंकी और अन्नदाता किसान मजदूर संगठन चरखी दादरी के रामकुवार कादयान ने भी सभा में अपने विचार व्यक्त किए।