झज्जर। कलोई गांव में जमीन विवाद को लेकर बेटे द्वारा पिता और भाई की हत्या की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया है लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है जब पारिवारिक या जमीन के झगड़े ने रिश्तों का खून कर दिया हो। झज्जर जिले में बीते महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें परिवार के ही सदस्यों ने अपनों की जान ले ली। कहीं बेटे ने मां की हत्या की, कहीं दामाद ने ससुर को गोली मारी तो कहीं जेठ ने अपनी ही भाभी पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया।
दामाद ने ससुर को मारी थी गोली
28 जनवरी की रात बहादुरगढ़ में पारिवारिक विवाद के चलते दामाद ने अपने ससुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मांडोठी निवासी संजय की बड़ी बेटी की शादी सुहरा गांव के मनेंद्र से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही मनेंद्र का अपनी पत्नी से झगड़ा रहने लगा था। पत्नी अपने पिता के घर रहने लगी थी। 28 जनवरी की रात मनेंद्र ससुराल पहुंचा और जब ससुर संजय उसे समझाने लगे तो उसने गोली मार दी, जिससे संजय की मौके पर ही मौत हो गई।
जेठ ने की बहू की हत्या, खुद भी खाया जहर
24 फरवरी को प्रिया कॉलोनी में मकान विवाद को लेकर जेठ ने अपने छोटे भाई की विधवा पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी राजबीर ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। मृतका सुनीता के पति की मृत्यु 20 साल पहले हो चुकी थी। राजबीर लगातार घर अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। मना करने पर उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
पत्नी की हत्या कर छोड़ा खून से लथपथ शव
9 जून को खानपुर खुर्द गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया था। मृतका बाला (44) मूल रूप से भिवानी की रहने वाली थी और करीब 16 साल से अपने पिता के घर खानपुर खुर्द में रह रही थी। बाला झाड़ली के पास मेट्रो मार्केट में चाय की दुकान चलाती थी। एक दिन उसका शव घर में खून से सना मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का आरोप उसके पति पर लगा, जिसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
भैंस घुसने पर पोते और बहू पर हत्या का आरोप
25 जुलाई को सुलौधा गांव में खेत में भैंस घुसने के मामूली विवाद ने भीषण रूप ले लिया। विवाद के दौरान 70 वर्षीय भीम सिंह की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसके पोते और बहू पर लगा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बेटे ने नशे के विवाद में मां की हत्या की थी
13 सितंबर को बेरी के बैठान पाना गांव में महिला कृष्णा का शव चादर में लिपटा मिला था। उसके गले पर चोट के निशान थे। हत्या का आरोप उसके छोटे बेटे कर्मबीर पर लगा था जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजना चाहता था, इसी बात से नाराज होकर उसने अपनी मां की हत्या कर दी थी।