-फोटो 17 : मलबे को हटाने में जुटे कर्मचारी।
- फोटो : Bahadurgarh
इस दर्दनाक मंजर में जहां कई लोगों के सपने दफन हो गए। वहीं सरोज भी अपनी पत्नी को दिया वादा पूरा नहीं कर सका। शादी को एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था कि आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को हुए फैक्टरी हादसे में मोनी की मांग का सिंदूर उजड़ गया। बहादुरगढ़ की जिस केमिकल फैक्टरी में हादसा हुआ। उसी में हरदोई का रहने वाला सरोज पिछले 6 वर्ष से कार्य कर रहा था और हादसे से दो दिन पहले ही घर पर पत्नी मोनी से बातचीत करके कहा था कि वह होली पर्व मनाने के लिए घर पर जरूर आएगा, लेकिन यह किसको पता था कि यह सरोज की अपनी पत्नी से आखिरी बातचीत होगी।
वर्ष 2019 में 8 मई को सरोज की शादी मोनी के साथ हुई थी। शव की पहचान करने के बाद सरोज के भाई मनोज ने बताया कि हादसे से दो दिन पहले ही उसने अपनी पत्नी से लंबी बात की थी और वादा किया था कि वह होली से दो दिन पहले गांव पहुंच जाएगा, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। होली से दस दिन पहले फैक्टरी में बड़ा हादसा हो गया और सरोज उसकी भेंट चढ़ गया। सरोज का शव सोमवार को उसके गांव पहुंचेगा। ऐसे में इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। फैक्टरी नंबर 1816 में सरोज पिछले 6 वर्षों से काम कर रहा था। शनिवार को सरोज का शव एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने मलबे से निकाल लिया। शव पहचान योग्य नहीं था, लेकिन फिर भी उसके भाई मनोज ने सरोज के हाथ में पहने कड़े से की। सरोज के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।