फैक्ट्री हादसे में लापता हुए अपनों को ढूंढने के लिए परिजन पहुंच रहे हैं। दूसरे दिन भी मलबे को हटाने का काम जारी रहा, लेकिन शाम के समय बारिश ने बचाव कार्य में जरूर विघ्न डाला। इससे पहले एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने चार घंटे के कड़े प्रयास के बाद एक शव को मलबे से बाहर निकाला। जिनके अपने अभी इस हादसे में नहीं मिले हैं उन्हें चिंता सता रही है। अब तक इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं राजकुमार फैक्ट्री मालिक की गाड़ी पर ड्राइवर के तौर पर नौकरी कर रहे थे। राजकुमार दिल्ली के सुभाष नगर का रहने वाला है। अपनों को ढूंढने पहुंचे परिजनों ने बताया कि उन्हें यहीं पर अन्य फैक्ट्री में काम करने वाले गांव के लड़के ने फोन पर हादसे की सूचना दी तो वे दौड़ पड़े। शनिवार की सुबह ही यहां पहुंचे तो पता चला कि अभी उनके अपनों का कोई सुराग नहीं है। उन्हें चिंता सता रही है।
कुछ के परिजन घायलों में मिल गए तो अनेकों के अपने अभी भी लापता हैं। अपनों को ढूंढने के लिए हादसास्थल पर परिजनों की भीड़ भी बढ़ रही है। पुलिस अपने स्तर पर गायब लोगों की जानकारी जुटाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन घायलों को उपचार दिलाने के साथ-साथ मृतकों की पहचान और गायब लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। फिलहाल प्रशासन की जद्दोजहद लोगों की जिंदगियां बचाने की है। उसके बाद हादसे में किसकी कमी थी, क्या कानूनी खामियां थी और दोषियों पर क्या कार्रवाई सुनिश्चित होगी, इस पर काम किया जाएगा।