बहादुरगढ़। पहलगाम में आतंकी हमले का करारा जवाब भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर से दिया है। अब पाकिस्तान की सेना जवाबी हमला कर रही है। 54 वर्ष पहले भारत-पाकिस्तान युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिकों का कहना है कि इस बार भी भारतीय सेना इतिहास दोहराएगी।
वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध चंद दिनों तक ही चला था। उस दौरान जंग में शामिल रहे बहादुरगढ़ के पूर्व सैनिकों के मुताबिक, तब वायु सेना का दायरा सीमित था। थल और नौ सेना के जांबाजों के आगे दुश्मन देश के 93 हजार सैनिकों ने आत्ममर्पण किया था। पूर्व सैनिकों ने कहा कि वे देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं और जहां भी देश को उनकी जरूरत होगी, वे जाने को तैयार हैं। उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा दिया है और आगे भी देश की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हमने न सिर्फ सीमा पर दुश्मन की गोलियां झेली हैं, बल्कि तिरंगे की शान के लिए अपने साथियों के बलिदान को आंखों से देखा है। पाकिस्तान को अब भी कोई गलतफहमी है तो उसे अंजाम भुगतने को तैयार रहना चाहिए। हमने दुश्मन के हजारों सैनिकों को घुटनों पर लाकर बांग्लादेश को आजाद कराया था, तब भी दुनिया ने भारत की ताकत देखी थी।
- कैप्टन हरसरूप, पूर्व सैनिक
हमने न सिर्फ गोलियों की बौछारें देखी हैं, बल्कि तिरंगे की शान के लिए जान की बाज भी लगाई है। अब भारत बदल चुका है। भारत अब दुनिया की महाशक्तियों के समकक्ष आकर खड़ा है। पाकिस्तान की सारी गलतफहमियां अगर लड़ाई हुई तो दूर हो जाएगी।
- दफेदार सुरजीत सिंह दलाल
उस दौर के भारत और आज के आधुनिक भारत में दिन-रात का ही नहीं दशकों का अंतर है। आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। भारत अब पहले वाला सिर्फ शांति की बात करने वाला भारत नहीं रह गया, वह क्रिया पर प्रतिक्रिया देता है और कड़े रख के साथ देता है।
- राजेंद्र सिंह दलाल, पूर्व सैनिक
हमने जब लड़ाई लड़ी थी उस दौरान सीमित संसाधनों के साथ जंग लड़ी गई थी, लेकिन आज आधुनिक भारत आधुनिक हथियारों से जंग में उतरेगा और आतंक और उसके पनाहगार पाकिस्तान को अंजाम भुगतना पड़ेगा।
- उमेद सिंह दलाल, पूर्व सैनिक
देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं और जहां भी देश को जरूरत होगी, जाने को तैयार हैं। देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा दिया है और आगे भी देश की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करना ही प्राथमिकता है। किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
- कैप्टन मान सिंह दलाल, पूर्व सैनिक