Ensure better implementation of ambitious schemes: Jitendra
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उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना, परिवार पहचान पत्र, मेरी फसल-मेरा ब्योरा, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के कार्ड बनाने के ऑनलाइन आवेदन तथा गांवों का लाल डोरा खत्म करने जैसी विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के लिए तथा परिवार पहचान पत्र का पंजीकरण तत्परता से करवाया जाए। उन्होंने योजना के प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पात्र परिवारों को कार्ड बनवाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत पात्र परिवारों का डाटा 15 मार्च तक अपलोड करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि डाटा अपलोड होने से सरकार की तरफ से दी जाने वाली छह हजार रुपये की वार्षिक सहायता की निर्धारित किश्त संबंधित पात्र परिवारों के बैंक खातों में जा सकेगी।
फसल पंजीकरण पर मिलेगा प्रोत्साहन
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने पर 10 रुपये प्रति एकड़ की दर से मिलेगा प्रोत्साहन। उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसान अपनी रबी फसलों विशेषकर गेहूं की फसल का पंजीकरण अवश्य करवाएं ताकि फसल खरीद के समय भुगतान में उनको परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सरकार एमएसपी पर सभी फसलों की खरीद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अवगत करवाया गया कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित हो इसके लिए ग्राम स्तर पर किसानों को जागरूक करते कैंप का आयोजन किया जाए। उन्होंने बताया कि किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण करवाने की एवज में 10 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
गांव को लाल डोरा मुक्त करने की पहल
उपायुक्त ने बैठक में बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से गांवों से लाल डोरा खत्म करने की योजना को लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से पहले चरण में राजस्व रिकॉर्ड के मैनुअल मानचित्रों को डिजिटल रूप में तैयार करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत समस्त सीमा की मैपिंग की जाएगी और एक-एक ईंच भूमि की जानकारी डिजिटलाइजेशन रूप से उपलब्ध रहेगी।