फोटो : 18ज्ञापन देते बिजली विभाग के कर्मचारी। संवाद
भिवाड़ी। राजस्थान के पांचों विद्युत निगमों के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एसोसिएशन ने राज्य सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और ऊर्जा मंत्री के नाम सोमवार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रमुख मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 15 अक्तूबर को जोधपुर डिस्कॉम स्तर पर जोधपुर में, उसके बाद अजमेर और जयपुर डिस्कॉम स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
खैरथल-तिजारा के जिला कलेक्टर और भिवाड़ी अधीक्षण अभियंता के माध्यम से सौंपे गए इस ज्ञापन में जोधपुर डिस्कॉम के तकनीकी कर्मचारियों की ओर से 11 प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद निगम प्रबंधन और राज्य सरकार ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत नहीं की है, जिससे कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य हो गए हैं।
एक एसोसिएशन प्रतिनिधि ने बताया कि किसी भी संस्थान का कुशल प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता पर निर्भर करता है। बातचीत से ही समाधान संभव है, लेकिन हमारी आवाज अनसुनी हो रही है।
कर्मचारियों की ये है प्रमुख मांगें
इंटर-डिस्कॉम तबादला नीति तुरंत प्रभाव से लागू की जाए। 2400 ग्रेड पे नियुक्ति तिथि से जयपुर डिस्कॉम की तर्ज पर सभी निगमों में लागू हो। विद्युत विभाग आपातकालीन सेवा होने से हर कर्मचारी को हाई ड्यूटी भत्ता मिले। बिजली कर्मचारियों को मुफ्त बिजली दी जाए, जैसा रेलवे कर्मचारियों को मुफ्त यात्रा और रोडवेज कर्मचारियों को मुफ्त बस यात्रा मिलती है। यदि आम उपभोक्ता को 100 यूनिट मुफ्त मिल सकती है तो कर्मचारियों को क्यों नहीं। सभी कर्मचारियों को साइकिल भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाए। पांचों निगमों के कार्मिकों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की भांति राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) का लाभ मिले। वेतन कटौती समान होने पर लाभ में भेदभाव क्यों। राजस्थान सरकार द्वारा जारी 180 रुपये प्रतिमाह वर्दी धुलाई भत्ता विद्युत विभाग में तुरंत बिना भेदभाव लागू हो। सभी निगमों में सीनियर इंजीनियरिंग सुपरवाइजर का पद सृजित किया जाए।