झज्जर। सोमवार की शाम हुई तेज बारिश से शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम को दिन में ही अंधेरा छा गया। वाहनों को हेडलाइट जलानी पड़ी। मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया। कर्मचारी तिरपाल ढककर उसे बचाने की मशक्कत करते रहे। थोड़ा धान भीगा है लेकिन ज्यादा नुकसान की फिलहाल संभावना नहीं है। शहर में कई जगह जलभराव हो गया। 29 नवंबर से एक दिसंबर को भी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। शाम तक 10 एमएम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 29 नवंबर को फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वती क्षेत्रों पर सक्रिय होगा। इससे 29-30 नवंबर और एक दिसंबर के दौरान फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा जिसकी वजह हल्की से बारिश, बूंदाबांदी और तेज गति से हवाएं चलने और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। बरसात के चलते ठंड का अहसास हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया है लेकिन एक दो दिन में ये तेजी से कम होने की संभावना है। इस दौरान वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते हुए नजर आए और अचानक हुई तेज बारिश के बाद लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश करते हुए नजर आए।
यहां हुआ जलभराव
शहर के बर्फखाना रोड, छिकारा चौक से आंबेडकर चौक, सिलानी गेट, बेरी गेट से बहादुरगढ़ रोड, सिलानी गेट से अग्रसेन चौक, नीम वाली कालोनी, भट्ठी गेट पर पानी जमा हो गया। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नालों में गंदगी जमा होने के कारण सारा पानी मुख्य सड़क और गलियों में जमा हो गया।
बारिश से अगेती फसल को हुआ फायदा
साल्हावास। क्षेत्र में मौसम का मिजाज दो दिनों से बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में आज सुबह से कई बार बूंदाबांदी हो चुकी है। मौसम में ठंडक हो गई।तेज हवाएं भी चली। जिससे दिन भर सर्दी का एहसास रहा। हवा में 76 प्रतिशत नमी बनी रही जबकि हवा 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली। किसानों का कहना है कि जिन किसानों ने अक्तूबर में बिजाई समय पर कर दी थी, उन किसानों की अगेती फसल गेहूं और सरसों को फायदा होगा।