-दो पार्षदों समेत पांच अन्य साथियों को भी कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। नौ साल पुराने एक मामले में बहादुरगढ़ की अदालत ने समाजसेवी वीरेंद्र उर्फ बुल्लड़ पहलवान और दो पार्षदों समेत आठ लोगों को बरी कर दिया है। अधिवक्ता भूपेंद्र डागर के अनुसार, विवेक तोमर की अदालत में लंबी सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया।
अधिवक्ता भूपेंद्र डागर ने बताया कि करीब नौ साल पहले लाइनपार निवासी सचिन की सड़क हादसे में मौत हुई थी। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कुछ लोगों पर आरोप लगाए थे। पुलिस जांच से असंतुष्ट होकर परिजनों ने रोहतक रोड-झज्जर मोड़ पर शव रखकर जाम लगाया। प्रदर्शन स्थल के पास बुल्लड़ पहलवान का कार्यालय था।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बुल्लड़ पहलवान और उनके साथियों से प्रदर्शनकारियों को समझाने का अनुरोध किया। पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर बुल्लड़ पहलवान ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया और जाम खुलवाने में सहयोग किया। इसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया। कुछ दिन बाद जब बुल्लड़ की टीम ने जांच की स्थिति जानने के लिए पुलिस से संपर्क किया, तो पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर दिया।
इंसेट
बरी हुए आरोपियों में पार्षद भी
कोर्ट से बरी होने वालों में बुल्लड़ पहलवान, वार्ड नंबर-1 के पार्षद मनीष और पूर्व पार्षद संदीप शामिल हैं। अजय राणा, लालू, गौरव, विजय, प्रदीप और धर्मेंद्र भी दोषमुक्त हुए हैं। अधिवक्ता भूपेंद्र डागर ने दावा किया कि बुल्लड़ पहलवान अब तक सात मामलों में निर्दोष साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये मुकदमे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के बाद दर्ज किए गए थे।