जिला सुबह 11 बजे तक शुक्रवार को कोहरे की घनी चादर में लिपटा रहा। कोहरा इतना घना था कि दिन में भी 10 मीटर तक विजिबिलिटी नहीं रही। वाहनों को दिन में भी हेड लाइट जला कर चलना पड़ा। क्षेत्र में अधिकतम तापमान जहां 18.1 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 6.2 पर रहा।
कोहरे के कारण हादसे में जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं दूसरे स्थान पर तीन अन्य घायल हो गए। बहादुरगढ़ रोड पर कोहरे के कारण तीन ट्रकों की भी आपस में टक्कर हो गई। कई अन्य स्थानों पर भी गाड़ियां के भिड़ने की सूचना है। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं दूसरी तरफ इस सर्दी का दुक ानदार खूब गर्म कपड़े बेच रहे हैं।
क्षेत्र पिछले तीन दिन से घने कोहरे की चपेट में है।
शुक्रवार की सुबह कोहरा इतना बढ़ गया कि शहरी क्षेत्र में ही सुबह 10 बजे तक कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। ग्रामीण क्षेत्र में हालात सुबह 11 बजे के बाद ही कुछ कंट्रोल में आए। सुबह ठंड व कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले नौनिहालों की हालत भी खराब है। अभिभावक मांग करने लगे हैं कि दिल्ली की तरह यहां भी कुछ दिनों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित हो।
मौसम का बिगड़ा मिजाज, हुए हादसे
गांव छारा के पास हसनगढ़ से गुड़गांव के लिए चले एक ट्रक के परिचालक शार्गिद निवासी मेवात को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा तब हुआ जबकि वह टॉयलेट के लिए ट्रक से नीचे उतरा। कोहरे में दिखाई न देने के कारण अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
दूसरी तरफ रेवाड़ी रोड पर बल्लू की कुईं के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से चांदपुर निवासी रघुबीर, होटल कर्मचारी मोतीराम व बहादुर को टक्कर मार दी। तीनों को गंभीर चोटें आई और सिविल अस्पताल लाया गया। मोतीराम व बहादुर होटल के लिए सब्जी लाने पैदल ही मंडी जा रहे थे। कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी बीच अज्ञात वाहन उनको ठोक गया। इनके पास ही रघुबीर भी वाहन की चपेट में आने से घायल हो गया।