बहादुरगढ़। नागरिक अस्पताल में डाॅक्टरों की लापरवाही के कारण डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिला के पेट में शिशु की मौत पर गुस्साए परिजनों ने लेबर रूम के बाहर हंगामा कर दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस और अस्पताल के उच्चाधिकारियों को दी है। पुलिस और अस्पताल के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का भरोसा दे कर परिजनों को शांत कराया। पीड़िता को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया है।
अधिकारियों ने कहा है कि पीजीआईएमएस से रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कार्रवाई को जाएगी। मामले की पीएमओ की अध्यक्षता में बोर्ड का गठन कर जांच की जाएगी। पीड़िता दिल्ली के टिकरी कलां गांव की रहने वाली है। टिकरी कलां गांव निवासी विजय कुमार ने बताया कि उनके छोटे भाई अजय की पत्नी सोनिया गर्भवती थी और उसे बुधवार शाम को डिलीवरी के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में लेकर आए थे।
उस समय डाॅक्टरों ने जांच करके घर भेज दिया था और कहा कि अभी डिलीवरी नहीं होगी। वीरवार सुबह साढ़े 8 बजे लेबर पेन हुआ तो वे सोनिया को लेकर फिर अस्पताल पहुंचे। यहां पर लेबर रूम से ओपीडी में उसे भेज दिया। ओपीडी में काफी देर बाद नंबर आया तो डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने को बोला। अल्ट्रासाउंड में जांच के बाद पता चला कि पेट में जो बच्चा है, उसकी धड़कन नहीं है। बच्चे की मौत हो चुकी है।
विजय कुमार का आरोप है कि अगर अस्पताल के डाक्टर समय पर डिलीवरी करा देते तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन उसे कभी ओपीडी तो कभी लेबर रूम में भेजा गया। इससे बच्चे की मौत गर्भ में ही हो गई, क्योंकि बुधवार रात को जब जांच की गई थी तो बच्चा ठीक बताया गया था। ऐसे में यहां के डाक्टरों की लापरवाही के कारण डिलीवरी में देरी हुई और इससे बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
परिजनों ने मामले की जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि न तो समय पर एंबुलेंस बुलाई गई और ना ही व्हीलचेयर का प्रबंध किया गया। लेबर रूम पर हंगामा होने के बाद अस्पताल स्टाफ हरकत में आया और फिर तुरंत एंबुलेंस और व्हीलचेयर की व्यवस्था की।
महिला डिलीवरी के लिए आई थी। अल्ट्रासाउंड किया तो पता चला कि उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों को समझाया गया है और शांत किया है। पीड़िता को पीजीआईएमएस रोहतक भेज दिया है। वहां से जो रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर मामले में जांच होगी।
- डाॅ. विनय देशवाल, कार्यकारी पीएमओ, सिविल अस्पताल, बहादुरगढ़।
112 पर काल प्राप्त हुई थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी। गर्भवती महिला के पेट में ही बच्चा मर गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई है इसके कारण बच्चे की पेट में ही मौत हो गई है। इसकी जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा और संबंधित कर्मचारियों व डाॅक्टरों पर कार्रवाई भी वही करेंगे। अगर कोई कानूनी कार्रवाई को लेकर शिकायत आई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वजन पीजीआईएमएस रोहतक गए हैं।
- सुखबीर, जांच अधिकारी, सेक्टर 6 थाना, बहादुरगढ़।