झज्जर। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार डॉ. आदिल अहमद के बारे में जानकारी के लिए रोहतक निवासी चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा से पूछताछ को लेकर साथी चिकित्सक सदमे में हैं। उनको यकीन नहीं हो रहा। उनका कहना है कि डॉ. प्रियंका हमेशा अपने काम के लिए समर्पित रही है। उनके परिवार ने काफी संघर्ष किया है और उनका ऐसे मामले में बिल्कुल भी हाथ नहीं हो सकता।
जीएमसी अनंतनाग से एमडी की पढ़ाई कर रही डॉ. प्रियंका झज्जर जिले के खरहर पीएचसी में तीन साल चार माह तक मेडिकल ऑफिसर रही। यही पर ही उनकी ज्वाइनिंग हुई थी और यही से ही वह आगे एमडी की पढ़ाई के लिए अनंतनाग गई थी। यह पीएचसी डीघल सीएचसी के तहत आती है, इसलिए डॉ. प्रियंका की डीघल सीएचसी में आपातकालीन में भी ड्यूटी लगती रहती थी।
उनके साथ काम करने वाली डॉ. आकृति हुड्डा ने बताया कि डॉ. प्रियंका 2020 से 2023 तक खरहर पीएचसी में रही। लेकिन मेरी ज्वाइनिंग 2022 की थी। लगभग डेढ़ साल से ज्यादा डॉ. प्रियंका के साथ काम किया। वह अपने अपने काम और परिवार की सेवा के लिए आगे रहती थी। इस दौरान उनकी माताजी सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी और वह पूरा समय उनका ध्यान रखती थी। उन्होंने भी खबर पढ़कर पता लगा कि डॉ. प्रियंका से पूछताछ हुई है। किसी भी फील्ड में सीनियर से बातचीत होती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह ऐसा काम करे। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने बताया कि बैठक के दौरान कई बार डॉ. प्रियंका से मुलाकात व बातचीत हुई। वह अपने काम के लिए काफी डेडीकेटिड रहती थी। उनको भी समाचार पढ़ने के बाद पता लगा कि एजेंसी ने उनसे पूछताछ की है। किसी भी पेशे में सीनियर से बातचीत होती है, ऐसे में सामने वाला यदि कोई गलत काम कर रहा है तो उसका पता कैसे चलेगा। डॉ. प्रियंका की सीनियर से बातचीत हुई है तो यह रूटीन में हुई होगी। उनका इस केस से कोई नाता नहीं होगा।