27jjrp11- सरकार के फैसले के विरोध में सिविल अस्पताल में एकत्रित चिकित्सक। स्रोत-यूनियन
झज्जर। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर रहे।
मरीज और तीमारदार सुबह ही अस्पतालों में पहुंचना शुरू हो गए थे, उनकी ओपीडी स्लिप तो कटी लेकिन चिकित्सकों ने ओपीडी नहीं की। झज्जर के 42 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हालांकि आपातकालीन सेवा जारी रही। इसके चलते मरीजों को सुबह नौ से 11 बजे तक परेशानी उठानी पड़ी। 11 बजने पर चिकित्सकों ने अपनी हडताल को समाप्त की और ओपीडी का काम शुरू किया।
इस दौरान इमरजेंसी, डिलीवरी तथा पोस्टमार्टम सेवाएं उपलब्ध रही। दो घंटे की हड़ताल समाप्त होते ही चिकित्सकों के कमरों के बाहर लाइनें लग गई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के सदस्यों डॉ. मनोज, पंकज, डाॅ. रितेश सांगवान ने बताया कि दो घंटे की हडताल को लेकर पहले ही उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया था।
स्वास्थ्य विभाग में एसएमओ की सीधी भर्ती की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति रुक जाएगी। इससे उनका मनोबल गिरना स्वाभाविक है। इस फैसले के विरोध में सभी चिकित्सकों ने वीरवार को दो घंटे के लिए काम न करते हुए अपना विरोध जताया है।
अनुबंध स्टाफ का लिया गया सहारा
सिविल अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी कंसल्टेंट, सभी अनुबंध पर काम करने वाले मेडिकल ऑफिसर की सेवाएं ली गई। आरबीएसके के डॉक्टरों की भी ओपीडी सेवाओं में ड्यूटी लगाई गई थी।