प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला का सामान्य अस्पताल स्टाफ के द्वारा न केवल मजाक उड़ाया। बल्कि उसकी डिलीवरी करवाने से भी अस्पताल प्रशासन ने मना कर दिया। पीड़िता अस्पताल के वार्ड से निकल कर जब कराहते हुए बाहर आई तो उसे पीएलवी अशोक कुमार ने देखा। जोकि समस्याएं सुनने के लिए सामान्य अस्पताल में पहुंचे थे। पीएलवी अशोक कुमार के हस्तक्षेप के बाद स्टाफ के द्वारा डिलीवरी करवाई गई।
पीड़िता के पति सुनील कुमार ने बताया कि वह बनारस निवासी है और हाल में जहाजगढ़ माजरा गांव में मजदूरी का काम करता हैैैै। सुनील कुमार ने शिकायत में लिखा कि वह बुधवार दोपहर अपनी पत्नी मंजू को डिलीवरी के लिए बेरी के नागरिक अस्पताल में लेकर आया था। जहां अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना चेकअप किए और कह दिया कि ये तो मानसिक रूप से पागल हैैैै। लेकिन मेरी पत्नी प्रसव पीड़ा केेेे कारण चिल्ला रही थी और अस्पताल के प्रागंण की ओर भाग रही थी। जिसका अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ के सदस्य मजाक उड़ा रहे थे। साथ ही स्टाफ ने उसकी पत्नी को कमरे से बाहर निकाल दिया। उसकी पत्नी अस्पताल के प्रांगण में जमीन पर पड़ी रोती रही और दर्द के मारे चिल्लाती रही। लेकिन किसी ने मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया। उसी दौरान पीएलवी अशोक कुमार आया और उसने डॉक्टर से पूछा कि महिला धूप में क्यों पड़ी हैै। जिसे भी डॉक्टर ने बताया कि महिला पागल हैैैै, हम इसकी डिलीवरी नहीं कर सकतेेे।
- डॉक्टर ने पागल बताकर किया था इंकार
अशोक कुमार पीएलवी ने बताया कि वह बेरी नागरिक अस्पताल स्थित लीगल केयर एंड स्पोर्ट सेंटर में कस्बे के लोगों की समस्या सुनता हैैैै। जब वह अस्पताल में पहुंचा तो देखा कि एक महिला धूप में पड़ी है। जब उससे कारण पूछा तो डॉक्टर ने पागल बताया। इसके बाद उसने डॉक्टर को डिलीवरी करवाने का कहा तो उसने मना कर दिया। जब उसने शिकायत करने की बात कही तो डॉक्टर महिला को लेकर गए और डिलीवरी करवाई।
वर्जन
स्टाफ द्वारा ऐसा कोई भी मजाक उड़ाने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। प्रवासी महिला की डिलीवरी ठीक-ठाक हो गई और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ऐसा हो जाता है कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। वह अपने आपे में नहीं होती। इसलिए प्रवासी महिला बाहर की ओर भाग रही थी।
जेपी चौहान, एसएमओ, बेरी।
वर्जन
किसी ने मामले की शिकायत नहीं दी। शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि जांच के दौरान कोई दोषी मिला तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ झज्जर।