दिल्ली-एनसीआर के लोगों को शानदार परिवहन सेवा देने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) अब रीयल इस्टेट के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। शुरुआत में केवल दो मेट्रो स्टेशनों के पास फ्लैट बनाने की योजना बनाई जा रही है। रीयल इस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि डीएमआरसी की परियोजना हिट हो सकती है।
दिल्ली मेट्रो के अनेक स्टेशन व डिपो के पास खाली जमीन पड़ी है। इस जमीन की मेट्रो परियोजना में जरूरत महसूस नहीं की जा रही। इसलिए डीएमआरसी इस जमीन का सदुपयोग करने की सोच रहा है। अधिकारियों का विचार है कि आम लोगों के लिए फ्लैट बनाना इस भूमि पर सबसे बेहतर परियोजना रहेगी। इससे निगम को भारी आय होगी। प्रारंभिक चरण में डीएमआरसी जनकपुरी व ओखला स्टेशनों के पास फ्लैट बनाने पर विचार कर रही है। इन दोनों साइटों के मिलाकर 450 फ्लैट बनाए जा सकते हैं। इनमें करीब 350 फ्लैट जनकपुरी में और बाकी ओखला में बनेंगे। इनमें 2 बेडरूम और 3 बेडरूम के फ्लैट तैयार किए जाएंगे। बाद में मेट्रो के बहादुरगढ़ डिपो के पास भी फ्लैट बनाए जा सकते हैं। हालांकि यहां डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित परियोजना के लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान कई मेट्रो स्टेशनों और डिपो के साथ बहुमंजिला रिहायशी फ्लैट बनाने की संभावना तलाशी गई है।
डीएमआरसी को केंद्र सरकार से संपत्ति विकास के लिए छूट प्राप्त है। इसलिए मेट्रो इसका फायदा उठाने के लिए रिहायशी फ्लैट बनाएगी। मेट्रो सूत्रों ने बताया कि ये फ्लैट लकी ड्रॉ के जरिये दिए जाएंगे। फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास जा सकती है। फ्लैट बनाने, बेचने व इससे संबंधित कामों की जिम्मेवारी डीएमआरसी के प्रॉपर्टी बिजनेस विभाग के पास रहेगी। दरअसल, मेट्रो ने कई स्टेशनों व डिपो के आसपास जमीन बेच दी थी। लेकिन अब जमीन को बेचने के बजाय ऐसी जमीन की निशानदेही की जा रही है जो फ्लैट बनाने में काम आ सकती है। बहादुरगढ़ में इतनी पर्याप्त जमीन सिर्फ सेक्टर-9 में बन रहे यार्ड के पास है। इसलिए यहां भी फ्लैट बनाने की संभावना मानी जा रही है। फिलहाल बहादुरगढ़ में मेट्रो कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए काफी संख्या में फ्लैट बनाए भी जा रहे हैं। दिल्ली के दूसरे कई डिपो के पास पहले से भी फ्लैट हैं।
हिट होगा यह कदम
डीएमआरसी अपने गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्यों की लिहाज से एक ब्रांड बन चुका है। स्टेशनों के साथ घर होने से लोगों को सुविधा भी रहेगी। इसलिए मेट्रो अपने स्टेशनों व डिपो के पास फ्लैट बनाकर बेचता है तो इस योजना को अप्रत्याशित सफलता मिल सकती है।
एनके शर्मा, रीयल इस्टेट विशेषज्ञ