झज्जर। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एक्ट के तहत जिन भी पीड़ित की शिकायत दर्ज होती है तो उन्हें निर्धारित अवधि में कानून के तहत दी जाने वाली राहत राशि देना सुनिश्चित करें। इस कार्य को समयबद्ध करने के लिए संबंधित विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार को अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम एक्ट 1989) की जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। डीसी ने कहा कि कोई भी राशि लंबित न रखी जाए और नियमों के अनुसार ही राशि प्रदान की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होते ही तुरंत उसकी सूचना कल्याण विभाग को दें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग इस तरह के मामलों में पूरी गंभीरता से कार्य करें। जिला कल्याण अधिकारी श्वेता शर्मा ने बताया कि 2025-26 में 22 पीड़ित को 35 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई हैं।