बहादुरगढ़। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना एक जुलाई से लागू हो गई है। इस योजना के तहत शहरी संपत्तियों के विवादों का निपटारा करते हुए पालिकाओं की भूमि पर काबिज लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। सरकार की इस योजना से परिवार पहचान पत्र धारक आवेदन करने के लिए विभागीय वेबसाइट से संपूर्ण जानकारी ले सकते हैं।
एसडीएम हितेंद्र कुमार ने बताया कि किराए, लीज, लाइसेंस फीस, तहबाजारी पर 31 दिसंबर 2020 को 20 साल से अधिक अवधि से पालिकाओं की दुकान या मकान पर काबिज व्यक्ति इस पॉलिसी के अंतर्गत स्वामित्व का अधिकार प्राप्त करने के योग्य हैं। उन्होंने बताया कि काबिज व्यक्ति को मालिकाना हक लेने के लिए कलेक्टर रेट से भी कम की अदायगी करनी होगी। मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना पोर्टल एक जुलाई से शुरू हो गया है। मालिकाना हक के लिए कलेक्टर रेट पर अधिकतम 50 फीसदी तक छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग में उन लोगों का डाटा मौजूद है जो कई सालों से काबिज हैं। आवेदन उपरांत स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी आवेदनों की जांच करेंगे। कोई क्लेम या दावा आता है तो सक्षम अधिकारी एक महीने के भीतर जांच कर मामले को निपटाएंगे।
एसडीएम ने बताया कि पोर्टल पर आवेदनकर्ता अपने आवेदन का विवरण देख सकता है। उन्होंने बताया कि आवेदक अलॉटी या सबअलॉटी नहीं है। पॉलिसी की सभी योग्यताएं पूरी करता है तो उसे 30 हजार रुपये का एकमुश्त नियमित शुल्क भी भरना होगा। योग्य आवेदकों की पालिकाएं 15 दिन के भीतर नोटिस जारी करेंगी। नोटिस के 15 दिन के अंदर कुल निर्धारित राशि का 25 प्रतिशत पैसा संबंधित पालिका को जमा कराना होगा। शेष 75 प्रतिशत राशि आगामी तीन माह में जमा करवानी होगी।