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इंजीनियरों को बोले डीजी...तुमसे अच्छा तो दसवीं पास से काम करा लें

Sun, 17 Jan 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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बाईपास के पास निर्माणाधीन बस स्टैंड का निरीक्षण करने आए रोडवेज के डायरेक्टर जनरल आरसी बिधान शनिवार को काम में लगे इंजीनियरों की लापरवाही को देखकर भड़क गए। बसों के खड़े होने के स्थान पर जमीन को पक्का करने में जब उन्होंने मसाले के माप का सवाल किया तो पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर उनसे उलझ गए। सही जवाब न मिलने पर डीजी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गए।
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उन्होंने कहा कि तुमसे अच्छा तो दसवीं पास से ही काम करा लें, कम से कम मसाले के मिश्रण की जानकारी तो सही देंगे। निरीक्षण के दौरान उन्हें बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कई और खामियां मिली तो फिर से उन्होंने इंजीनियरों के काम पर सवाल उठाया। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर इशारा करते हुए डीजी ने कहा कि वह तो सरकार को सुझाव देने वाले हैं कि इस प्रकार के कई महकमों का आकार घटा कर 90 प्रतिशत छोटा किया जाए। इससे पहले वह इंजीनियर ईंटों के साइज व क्वालिटी पर भी उलझे। डीजी ने उनको कहा कि वे किताबें अच्छी तरह पढ़ें, उनमें सब कुछ है, उसे समझें।


बसों की नहीं है कमी
पत्रकारों से बातचीत में डीजी आरसी बिधान ने कहा कि 31 मार्च तक बस स्टैंड के निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दिक्कतों पर ठेका लेने वाली एजेंसी का ध्यान दिलाया है, जो कि दुरुस्त की जा सकती हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बसों की कोई कमी नहीं है। कर्मियों की भर्ती के लिए सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू की जा रही है। झज्जर में वोल्वो बसों की सुविधा न होने पर उन्होंने कहा कि सर्वे कराएंगे, उस बस के लायक यात्री मिलते हैं तो सुविधा जरूर दी जाएगी। भविष्य में आवश्यकता को खंगाला जाएगा।
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सैंपल भरो, मुझे पता है कैसे पास होते हैं
डीजी ने निर्देश दिए कि मसाले के सैंपल की जांच कराएं। सैंपल जांच के लिए कहां भेजें मैं बताऊंगा। साथ ही बोले कि मुझे पता है कि गड़बड़ी के बावजूद आखिर सैंपल पास कैसे होते हैं। बस स्टैंड के प्रथम फ्लोर पर निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के फर्स का लेवल चेक करने के लिए बाल्टी से पानी मंगवा कर डलवाया। खिड़की पर लगी लकड़ी की क्वालिटी से भी वे संतुष्ट नहीं हुए। जवाब मांगा तो इंजीनियर बोले कि मौसम ही ऐसा है। बोले कि मौसम तो पूरा साल ऐसा ही रहता है। फिर उन्होंने लकड़ी के भी सैैंपल जांच कराने के निर्देश दिए।


...अभी से पाइप खा गई जंग
डीजी ने प्रथम तल पर निरीक्षण में बिजली की जंग खाई पाइपों को देख कर भी नाराजगी जताई। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कहा कि यहां प्लास्टिक की पाइप क्यों नहीं लगाई। लोहे की पाइपें तो अभी से जंग खा गई हैं। निर्माणाधीन बस स्टेंड पर लगा लोहे का कुछ अन्य सामान भी अभी से जंग खा चुका है।


टॉयलेट ऐसे हों, बाहर से भी लोग आएं
डीजी ने निर्देश दिए कि बस स्टैंड पर टायलेट ऐसे बनाए जाएंगे कि यात्री ही नहीं बल्कि शहर में रहने वाले लोग भी इनसे प्रभावित होकर यहां इनका प्रयोग करने पहुंचे। टॉयलेट कॉर्पोरेट कार्यालयों की तर्ज पर बनाए जाएं। बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही डीजी ने बस स्टैंड पर किए जा रहे कलर को भी आकर्षक बनाने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने अधिकारियों के साथ बस स्टैंड वर्कशॉप का भी निरीक्षण किया। उनके साथ झज्जर जीएम महताब खर्ब, एसएमई जगबीर सिंह, दादरी जीएम धनराज कुंडू, पीडब्ल्यूडी एक्सइएन विशाल कुमार, बिल्डिंग इंचार्ज सुभाष अहलावत व अन्य जेई रहे।


डीजी पहले, गुलदस्ते बाद में
निर्माणाधीन बस स्टैंड के निरीक्षण के लिए पहुंचे रोडवेज के डायरेक्टर जनरल आरसी बिधान को रोडवेज अधिकारी गुलदस्ते भेंट नहीं कर पाए। असल में डीजी पहले पहुंचे, लेकिन गुलदस्ते बाद में। कर्मचारी गुलदस्ते लेकर आए तो स्थानीय अधिकारियों ने उनको इशारे में पीछे ही रोक दिया। अधिकारी इस मामले में खुद को शर्मिंदा महसूूस कर रहे थे। उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि बाद में आए गुलदस्तों पर डीजी की नजर न पड़े।


टूटेगा बूथ, बढ़ेगा प्लेटफार्म
बस स्टैंड पर बसों की बुकिंग के लिए कंडक्टर व बुकिंग क्लर्क के लिए बनाए गए बूथों में से एक को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा। असल में यह अन्य बूथों की तुलना में अलग हट कर बना है। अब इसे अन्य बूथों की लाइन में किया जाएगा। एसएमई जगबीर सिंह के निर्देश के बाद अधिकारी हरकत में आए हैं। इस बीच जहां बसें खड़ी होंगी, वहां प्लेटफार्म को कुछ आगे सरकाया जाएगा। शनिवार को इन पर बस खड़ी कर मुआयना किया गया तो बस प्लेटफार्म से हटकर खड़ी रही। उसकी छत पर चढ़ने के लिए व्यवस्था नहीं बन पायी।
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